सौजन्यः बीएल भूरा चन्द्र शेखर आजाद नगर भाबरा, मध्य प्रदेश
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड (w) 6395080071
‘‘सुरक्षित बचपन अभियान’’ के अंतर्गत विधिक साक्षरता/ जागरूकता षिविर का आयोजन किया गया…..
मध्य प्रदेशः राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के दिशा-निर्देशों के अधीन एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलीराजपुर के मार्गदर्शन तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में ‘‘सुरक्षित बचपन अभियान’’ के अंतर्गत ‘‘बोलो, बताओ, बचाओ’’ थीम पर पी.एम. श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय आलीराजपुर में विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में श्रीमती शक्ति रावत जिला विधिक सहायता अधिकारी, श्री चितवन गेहलोत डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल, श्री दिलीप चैहान साइबर सेल प्रभारी द्वारा सहभागिता की गई।
शिविर में श्रीमती शक्ति रावत द्वारा विद्यार्थियों को बच्चों के विधिक अधिकारों व उनकी सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों के साथ होने वाले शोषण, बाल श्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी एवं अन्य प्रकार के अपराधों के प्रति जागरूक रहते हुए ऐसी किसी भी घटना की जानकारी संबंधित प्राधिकारी अथवा जिम्मेदार व्यक्ति को देना आवश्यक है। उन्होने विद्यार्थियों को समझाया कि यदि उनके साथ अथवा उनके आसपास किसी बच्चे के साथ कोई अनुचित घटना घटित होती है, तो डरने अथवा चुप रहने के बजाय इसकी जानकारी अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को दें। उन्होनें ‘‘बोलो, बताओ, बचाओ’’ थीम के महत्व को समझाते हुए कहा कि समय पर अपनी बात बताना और गलत के विरूद्ध आवाज उठाना बच्चों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
श्री चितवन गेहलोत द्वारा यातायात नियमों के बारे में जानकारी देते हुए हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, सडक पर करते समय सावधानी रखने तथा यातायात नियमों का पालन करने के महत्व के बारे में बताया। उन्होनें कहा कि यातायात नियमों का पालन कर सडक दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
श्री दिलीप चैहान ने साइबर सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, किसी के साथ ओटीपी एवं पासवर्ड शेयर नहीं करने तथा सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही आनलाइन ठगी एवं साइबर अपराधों से बचने के उपाय भी बताए गए।
श्रीमती मनीषा डावर द्वारा विद्यार्थियों को सुरक्षित व असुरक्षित स्पर्श (गुड टच बेड टच) के बारे में बताया कि यदि कोई व्यक्ति उनके साथ अनुचित व्यवहार करता है या उन्हें असहज महसूस कराता है तो बिना डर के उसका विरोध करें तथा तत्काल अपने अभिभावकों अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दे।
साथ ही श्री दयाराम जमरा एवं श्रीमती ललिता द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं व बच्चों के हितार्थ संचालित योजनाओं के बारे में बताया गया।


शिविर में श्री नरेन्द्र मालवी प्राचार्य, श्री दिनेश श्रीवास्तव मंडल संयोजक (विधि प्रभारी), पैरालीगल वाॅलेंटियर एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।






