संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, देहरादून)
नारी सुरक्षा से नारी स्वावलंबन तक: मिशन शक्ति का जमीनी विस्तार।
कन्नौज: किसी भी समाज की प्रगति का वास्तविक आधार वहां की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन में निहित होता है। जब महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस करती हैं, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं और समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं, तभी विकास की धारा व्यापक और स्थायी बनती है। इसी सोच को केंद्र में रखकर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति फेज-5 (द्वितीय चरण) जनपद कन्नौज में प्रभावी रूप से आकार लेता दिखाई दे रहा है।
9 मई 2026 को जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आयोजित जनचौपालों और जागरूकता कार्यक्रमों ने यह स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण अब केवल नीतिगत घोषणा भर नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रतिबद्धता और सामाजिक सहभागिता का सशक्त अभियान बन चुका है। पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार के निर्देशन में महिला पुलिसकर्मियों ने गांवों, कस्बों, बाजारों, चौराहों और धार्मिक स्थलों तक पहुंचकर महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद स्थापित किया।
इन कार्यक्रमों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि यहां संवाद केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि जीवन से जुड़ी वास्तविक आवश्यकताओं और चुनौतियों पर आधारित था। महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों, सुरक्षा उपायों और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। यह संदेश भी दिया गया कि सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जागरूक समाज की साझा संस्कृति भी है।
आज के समय में महिला सुरक्षा का एक नया आयाम डिजिटल दुनिया भी है। मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन लेन-देन ने जहां जीवन को सरल बनाया है, वहीं साइबर अपराधों के नए खतरे भी सामने आए हैं। मिशन शक्ति के अंतर्गत महिलाओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और डिजिटल धोखाधड़ी के प्रति सजग किया गया। यह पहल विशेष महत्व रखती है, क्योंकि डिजिटल जागरूकता आज आत्मरक्षा का ही एक आधुनिक रूप बन चुकी है।
जनचौपालों में हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी देकर महिलाओं को यह भरोसा भी दिलाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में वे निःसंकोच सहायता प्राप्त कर सकती हैं। यह भरोसा केवल सूचना नहीं, बल्कि प्रशासन और समाज के बीच विश्वास का पुल है।
वास्तव में मिशन शक्ति का सार केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसका व्यापक उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास जगाना, उन्हें निर्णय लेने की क्षमता देना और समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। जब एक बालिका अपने अधिकार पहचानती है, एक महिला निर्भय होकर अपनी बात कहती है और समाज उसके सम्मान की रक्षा को अपना दायित्व मानता है, तभी सशक्त समाज का निर्माण होता है।
जनपद कन्नौज में चल रहा यह अभियान इसी सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है। यह पहल बताती है कि महिला सशक्तिकरण का मार्ग केवल कानूनों से नहीं, बल्कि संवाद, जागरूकता, विश्वास और सामाजिक सहयोग से प्रशस्त होता है। मिशन शक्ति का यह जमीनी विस्तार निश्चय ही एक ऐसे समाज की नींव रख रहा है, जहां नारी केवल सुरक्षित ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर, सम्मानित और सशक्त नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभा सके।






