संवाददाता कानड़ः गोवर्धन कुम्भकार
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
मौसम की मार, अस्पतालों में बढ़ी सर्दी-खांसी व बुखार के मरीजों की भीड़।
किसान भी कर रहे बारिश का इंतजार।
कानड़ः मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। कभी तेज धूप, कभी उमस और बीच-बीच में बादलों की आवाजाही के कारण नगर के शासकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सर्दी, खांसी, बुखार और गले के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सोमवार को अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिससे ओपीडी में सुबह से ही भीड़ लगी रही।
अस्पताल पहुंचे अधिकांश मरीज वायरल संक्रमण, सर्दी-खांसी, बुखार और गले में दर्द की शिकायत लेकर आए थे। मरीजों को पर्ची बनवाने और डॉक्टर से परामर्श लेने के लिए कतार में इंतजार करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले हुई बारिश के बाद मौसम में लगातार बदलाव आ रहा है। दिन में तेज गर्मी और उमस रहती है। जबकि रात में मौसम अपेक्षाकृत ठंडा हो जाता है। ऐसे में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। ठंडी चीजों के अधिक सेवन और बदलते तापमान के कारण भी लोग बीमार पड़ रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार इस समय अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज सामान्य वायरल संक्रमण से पीड़ित हैं। सर्दी, खांसी और बुखार के मामले बढ़े हैं,लेकिन फिलहाल गंभीर स्थिति वाले मरीज सामने नहीं आए हैं। लोगों को पर्याप्त पानी पीने, संतुलित आहार लेने, स्वच्छता बनाए रखने और बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा नहीं लेने की सलाह दी जा रही है।
इधर, मौसम का असर खेती पर भी पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि खेतों में खरपतवार नियंत्रण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। लेकिन अब अच्छी बारिश का इंतजार है। यदि जल्द झमाझम बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों की बढ़वार प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी।
मौसम के इस बदले स्वरूप ने एक ओर अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ा दी है। वहीं दूसरी ओर किसानों की निगाहें भी आसमान पर टिकी हुई हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सावधानी और समय पर उपचार से मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।






