
सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, देहरादून)
देवरिया ताल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मेले की तैयारियां शुरू।
सारी, ऊखीमठ व मनसूना से पहुंचेगी भगवान श्रीकृष्ण की भव्य झांकियां।
मेले को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल।
ऊखीमठ: प्रकृति की अनुपम छटा से सुसज्जित और पर्यटक गांव सारी के शीर्ष पर विराजमान प्रसिद्ध देवरिया ताल में आगामी 4 सितम्बर को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर आयोजित होने वाले मेले की व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। समुद्रतल से करीब 2,400 मीटर की ऊंचाई पर स्थित देवरिया ताल में हर वर्ष आयोजित होने वाला यह धार्मिक एवं सांस्कृतिक मेला स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही देश-विदेश से पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। मेले को भव्य स्वरूप देने के लिए स्थानीय मेला समिति एवं तीनों उप समितियों द्वारा तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर देवरिया ताल परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। मेले की विशेषता भगवान श्रीकृष्ण की भव्य झांकियां रहेंगी। मेला समिति अध्यक्ष नन्दन सिंह रावत ने बताया कि जन्माष्टमी पर्व पर सारी, ऊखीमठ और मनसूना क्षेत्र से भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां देवरिया ताल पहुंचेंगी। झांकियों के पहुंचने पर पूरा क्षेत्र कृष्णमय हो उठेगा और श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन कर पुण्य अर्जित करेंगे।
उन्होंने बताया कि देवरिया ताल की प्राकृतिक सुंदरता मेले के आकर्षण को और बढ़ा देती है। चारों ओर फैली हरी-भरी पहाड़ियां, मखमली घास के मैदान, चौखम्भा सहित हिमालय की चोटियों का विहंगम दृश्य और शांत वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। जन्माष्टमी के अवसर पर धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। क्षेत्रीय लोगों को उम्मीद है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक मेले में पहुंचेंगे।
मेला समिति महामंत्री योगेन्द्र नेगी ने बताया कि मेले को लेकर तीनों उप समितियों, स्थानीय ग्रामीणों में खासा उत्साह बना हुआ है। देवरिया ताल तक पहुंचने वाले पैदल मार्ग की साफ-सफाई, ताल परिसर की व्यवस्थाओं तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों द्वारा आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के स्वागत की तैयारियां भी की जा रही हैं। मेले के दौरान स्थानीय संस्कृति और परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी।
कोषाध्यक्ष मुकेश नेगी का कहना है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मेला धार्मिक आस्था से जुड़ा होने के साथ ही क्षेत्र के पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देवरिया ताल पहले से ही पर्यटकों के पसंदीदा स्थलों में शामिल है। जन्माष्टमी मेले के आयोजन से यहां पर्यटन गतिविधियों को और गति मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय युवाओं तथा ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही स्थानीय उत्पादों को भी बाजार उपलब्ध हो सकेगा। पूर्व सूचना अधिकारी गजपाल भट्ट ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर लगने वाले मेले को लेकर आसपास के गांवों में अभी से उत्साह का वातावरण है। झांकियों के साथ श्रद्धालुओं के पहुंचने और धार्मिक आयोजनों के बीच देवरिया ताल की सुरम्य वादियां भक्ति और उल्लास से सराबोर होने की उम्मीद है। आगामी 4 सितम्बर को देवरिया ताल में आस्था, संस्कृति और प्रकृति का यह संगम क्षेत्रवासियों एवं पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण बनेगा।








