सुश्री सरोज कंसारी
(कवयित्री, लेखिका व शिक्षिका)
रिपोर्टर एवं उद्घोषिका
नवापारा-राजिम, रायपुर (छत्तीसगढ़)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
कविता – “महात्मा गांधी”
विचारों में रखते थे आजादी की आंधी,
महान संत पुरुष थे महात्मा गांधी।
सत्य-अहिंसा के कहलाते थे पुजारी,
माता-पिता के थे पुत्र आज्ञाकारी।
शुद्ध-सात्विक रहे सदा शाकाहारी,
अंग्रेजों को उनकी औकात दिखाई।
आँख में चश्मा और बाँधे लंगोटी,
देशभक्ति की कभी राह न छोड़ी।
विदेशी वस्तुओं की जला दी होली,
पैदल यात्रा कर नमक कानून तोड़ा।
स्वच्छता की चहुँ ओर दीप जला दी,
रामराज्य की कल्पना जेहन में थी।
सर्वधर्म सद्भाव की रीत चलाई,
ऊँच-नीच की सारी दीवारें गिरा दीं।
नेतृत्व क्षमता में रहे सदा अग्रणी,
चरखा चला आत्मनिर्भरता सिखाई।






