सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
पीएचसी उच्चीकरण की मांग को
लेकर 19वें दिन भी धरना जारी।
अमर शहीद अशोक कैशिव के स्मारक पर दी श्रद्धांजलि।
मातृशक्ति ने बाजार में प्रदर्शन कर
आंदोलन को दिया समर्थन।
7 अक्टूबर को आक्रोश रैली, पुतला दहन
व व्यापक विरोध प्रदर्शन की चेतावनी।
ऊखीमठ: प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 19वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने राज्य आंदोलनकारी अमर शहीद अशोक कैशिव के स्मारक पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री तथा देश व प्रदेश के अमर शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आंदोलनकारियों ने कहा कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण लंबे समय से उठाई जा रही जनभावना से जुड़ी मांग है, लेकिन अब तक शासन स्तर से ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है।
धरना स्थल पर पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से विषम होने के साथ ही केदारनाथ, तुंगनाथ और मदमहेश्वर धाम की यात्रा का प्रमुख क्षेत्र है। यात्रा सीजन में यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में क्षेत्र में सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है। पीएचसी के उच्चीकरण से स्थानीय जनता के साथ ही तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और सीमान्त गांवों के ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मातृशक्ति ने बाजार में किया प्रदर्शन
आंदोलन के 19वें दिन तुंगनाथ घाटी और मदमहेश्वर घाटी के विभिन्न गांवों से पहुंची मातृशक्ति ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया। महिलाओं ने मुख्य बाजार में प्रदर्शन करते हुए शासन-प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की और पीएचसी के शीघ्र उच्चीकरण की मांग की। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुब्जा धर्म्वाण ने कहा कि दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर बीमारी अथवा आपात स्थिति में मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केन्द्रों तक पहुंचाने में काफी समय लग जाता है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने ने कहा कि स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण केवल किसी एक गांव अथवा क्षेत्र की मांग नहीं, बल्कि पूरे ऊखीमठ विकासखंड के दूरस्थ गांवों की जनभावना से जुड़ा विषय है। उन्होंने आंदोलन को आगे भी हर स्तर पर सहयोग देने की बात कही।
मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संघर्ष समिति अध्यक्ष राजीव भट्ट के नेतृत्व में आन्दोलनकारियों ने तहसील प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पीएचसी उच्चीकरण के संबंध में शीघ्र शासनादेश जारी करने की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि यदि आगामी दिनो में सरकार की ओर से मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। संघर्ष समिति ने ज्ञापन के माध्यम से आगामी 7 अक्टूबर को ऊखीमठ मुख्य बाजार में आक्रोश रैली, पुतला दहन एवं व्यापक विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। संघर्ष समिति अध्यक्ष राजीव भट्ट ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा तथा जरूरत पड़ने पर क्षेत्र की जनता, मातृशक्ति, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों को साथ लेकर आंदोलन को निर्णायक चरण तक पहुंचाया जाएगा। पूर्व सभासद प्रमोद नेगी ने कहा कि शासन की ओर से पूर्व में मांग पर सकारात्मक आश्वासन दिए जाने के बावजूद अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इससे क्षेत्र की जनता में रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण का शासनादेश जारी करने की मांग की है। इस मौके पर सभासद प्रदीप धर्म्वाण, बलवीर पंवार, सरला रावत, महावीर नेगी, महेश बर्त्वाल, अंजनेश पंवार, प्रताप धर्म्वाण, दलवीर रावत, अनसूया प्रसाद टमटा, प्रताप सिंह रावत, सौरभ भट्ट, मदन सिंह धर्म्वाण, बलवीर धर्म्वाण, राजेन्द्र सिंह धर्म्वाण, साक्षी नेगी, शिव शरण पंवार, बलवन्त रावत,


मदनी देवी, सुरमा देवी, विनीता देवी, अंजू देवी, माहेश्वरी देवी, शकुन्तला देवी, अंजना देवी, शान्ती देवी, रेखा देवी, सरिता देवी, ममता देवी, रूची देवी, गीता देवी, आरती देवी सहित विभिन्न गांवों की मातृशक्ति व आन्दोलनकारी मौजूद रहें।






