सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
ऊखीमठ में 58 शिक्षकों ने सीखे कक्षा
में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के गुर।

ऊखीमठः स्वामी प्रणवानंद विद्या मंदिर (भारत सेवाश्रम संघ), उखीमठ में शनिवार को “कक्षाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग” विषय पर एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के शिक्षक उत्कृष्टता केंद्र, क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के तत्वावधान में हुए इस प्रशिक्षण में चार विद्यालयों के कुल 58 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।
एक दिवसीय चले इस कार्यक्रम का मूल संदेश “बेहतर शिक्षा के लिए एआई” रहा, जबकि सीबीएसई की ओर से इसे “बेहतर कल के लिए शिक्षकों का सशक्तिकरण” की भावना से जोड़ा गया।प्रशिक्षण में स्वामी प्रणवानंद विद्या मंदिर ऊखीमठ, एम.एल. स्कूल नाला, डॉ. जैक्स वीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी तथा दून स्कॉलर्स देहरादून के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में रिसोर्स पर्सन के रूप में बी.आर. न्यू मॉडर्न स्कूल, पौड़ी से श्री मनीष चन्द्र बड़ौनी एवं श्री शशि भूषण नौटियाल उपस्थित रहे। दोनों ने अपने सारगर्भित एवं प्रभावी प्रशिक्षण से शिक्षकों को खूब प्रभावित किया।प्रस्तुतीकरण के माध्यम से “शिक्षा में एआई का अनावरण: अवधारणा, आवश्यकता और दायरा” विषय पर विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता किस प्रकार शिक्षा के परिदृश्य को बदल रही है और विद्यार्थियों को एआई-संचालित भविष्य के लिए कैसे तैयार किया जाए। शिक्षकों को पाठ योजना बनाने, शिक्षण सामग्री तैयार करने, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर के आकलन और कक्षा को अधिक रोचक व सहभागी बनाने में एआई उपकरणों के प्रयोग का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। रिसोर्स पर्सन श्री मनीष चन्द्र बड़ौनी एवं श्री शशि भूषण नौटियाल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षक का स्थान नहीं ले सकती, बल्कि यह शिक्षक का सहयोगी उपकरण है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक इसका उपयोग विवेक, नैतिकता और सावधानी के साथ करें तो शिक्षण अधिक प्रभावी बन सकता है और विद्यार्थियों में सृजनात्मकता तथा सीखने की रुचि बढ़ सकती है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे समय के साथ बदलती तकनीक को अपनाएँ और उसे कक्षा-शिक्षण का नियमित हिस्सा बनाएँ, साथ ही विद्यार्थियों को भी एआई के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक करें।इस अवसर पर कार्यक्रम की स्थल निदेशक (वेन्यू डायरेक्टर) एवं प्रधानाचार्या श्रीमती अनीता रावत, डॉ. जैक्स वीन नेशनल स्कूल गुप्तकाशी के प्रधानाचार्य श्री लखपत सिंह राणा, एम.एल. स्कूल नाला के प्रधानाचार्य श्री प्रदीप सेमवाल, विद्यालय के सचिव श्री आदि देवानंद, प्रबंधक श्री कृष्णात्मानन्द सहित विभिन्न विद्यालयों के 58 शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे।कार्यक्रम के समापन पर स्थल निदेशक एवं प्रधानाचार्या अनीता रावत ने सीबीएसई, रिसोर्स पर्सन तथा सभी प्रतिभागी विद्यालयों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सीमांत पर्वतीय क्षेत्र में इस प्रकार के प्रशिक्षण शिक्षकों के लिए नई तकनीकों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने रिसोर्स पर्सन के सहज एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण की सराहना की और सभी शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे प्रशिक्षण में सीखी गई बातों को अपनी कक्षाओं में लागू करें, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा। उन्होंने प्रशिक्षण में पधारे सभी प्रधानाचार्यों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार का भी हृदय से धन्यवाद किया।







