ब्यूरो देहरादूनः (नया अध्याय)
माया देवी यूनिवर्सिटी ले लॉ छात्रों ने मनाया अंतराष्ट्रीय शिक्षक दिवस : समाज को विधिक साक्षरता प्रदान करने का लिया संकल्प।
देहरादूनः मायादेवी यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग के छात्रों ने 5 अक्टूबर अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस पर समाज को विधिक साक्षरता प्रदान करने का लिया संकल्प लेते हुए
“रुल ऑफ़ लॉ” के प्रतिबद्धता जताई, ज्ञात हो कि यह दिवस शिक्षकों की स्थिति से संबंधित 1966 के अंतर्राष्ट्रीय संगठन यूनेस्को अनुशंसा की 60वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।
छह दशक से प्रति वर्ष शिक्षक एक संकलन के साथ छात्र-छात्राओ के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि इस पेशे के सामने डिजिटल प्रौद्योगिकियो, जलवायु परिवर्तन से लेकर प्रवासन और विस्थापन तक कई नई चुनौतियाँ का सामना करने की ऊर्जा जागृत करने का काम शिक्षक कर रहे हैं। नई चुनौतियों के दबाव में एक शिक्षक ही हैं जो नीति-निर्माण सहित स्वायत्तता, समर्थन या भागीदारी के ज़रिये छात्रों को व समाज को प्रभावित करता हैं।
इस वर्ष की थीम “शिक्षकों के साथ खड़े रहना : औऱ भविष्य को आकार देने के 60 वर्ष “ युनेस्को ने 2026 के इस संस्करण में प्रदान की हैं।
इस अवसर पर विधि विभाग के डीन प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित ने कहा कि सामाजिक चुनौतियों और उनसे निपटने की रणनीतिक समीक्षा सहित समाज के उत्थान हेतु नीति निर्माण व प्रचार प्रसार से ही सामाजिक उन्नयन प्राप्त होगा डॉ. दीक्षित ने छात्रों से आह्वान किया कि वे नहीं ऊर्जा के साथ भारत देश का नव निर्माण करें।
इस आयोजन में लॉ के छात्र छात्राओ ने भारत के संविधान के प्रति अपनी आस्था जताते हुए अपने विचार साझा किये जिसमे – सुधीर कुमार, कामना यादव, निशा कुमारी राय, मीनाक्षी कुमारी, माधव बंसल, ऋषव दुबे, महिमा, हुमेरा, वंशिका आर्या, कनिष्का चंद्रा, यश सोम, संजीव कुमार, अली हमज़ा आदि प्रमुख रहे।
प्रमुख भूमिका में मायदेवी यूनिवर्सिटी के विधि विभाग के शिक्षकगण डॉ. प्रमोद कुमार, श्रीमिती रवीशा कुरियाल, श्रीमिती भावना अरोड़ा व कुमार मयंक रहे
अंत में लॉ डीन प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित ने सभी का आभार जताया।








