संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
नवीन परती पर मिट्टी डालने से भड़का
जलनिकासी विवाद, दो पक्ष आमने-सामने।
कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए ग्रामीण ने दी तहरीर, जातिसूचक गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी के आरोप; मौके पर भीम आर्मी जिलाध्यक्ष भी पहुंचे।
गुरसहायगंज/कन्नौज: गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र की सराय प्रयाग चौकी अंतर्गत मोहनापुर गांव में नवीन परती भूमि पर मिट्टी डालने और नाली के पानी के निकास को लेकर विवाद गहरा गया। दो पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया। एक ग्रामीण ने नवीन परती पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट पर आमादा होने और जान से मारने की धमकी देने की तहरीर दी है।
गांव निवासी मानसिंह पुत्र रामदास ने थाना प्रभारी को दी तहरीर में बताया कि गाटा संख्या 184 राजस्व अभिलेखों में नवीन परती के रूप में दर्ज है। उसके अनुसार इस भूमि से गांव के बरसाती और नाली के पानी की निकासी होती है। आरोप है कि दो अक्टूबर की रात गांव के कुछ लोगों ने उक्त भूमि पर मिट्टी डालकर कब्जा करने का प्रयास किया।
मानसिंह के मुताबिक तीन अक्टूबर को जब उसने मौके पर पहुंचकर मिट्टी डालने का विरोध किया तो आरोपितों ने उसके साथ गाली-गलौज की। उसने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। तहरीर के अनुसार विरोध करने पर आरोपित मारपीट पर उतारू हो गए और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने पुलिस को घटना से संबंधित वीडियो होने की जानकारी भी दी है।
इधर, जलनिकासी को लेकर गांव में दोनों पक्षों के बीच नोकझोंक का वीडियो भी सामने आया है। बताया गया कि नवीन परती भूमि से कुछ घरों की नालियों का पानी निकलने को लेकर आपत्ति जताई गई थी। पानी के निकास और सड़क पर कीचड़ की समस्या को लेकर कहासुनी बढ़ गई। मामला बढ़ने पर भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कन्नौज सूरज कुमार कर्ण भी मौके पर पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।
जलनिकासी से जुड़ा है विवाद, जांच से खुलेगी पूरी तस्वीर
मामले में एक तरफ नवीन परती भूमि पर कथित कब्जे का आरोप है तो दूसरी तरफ पानी और कीचड़ के निकास को लेकर आपत्ति सामने आई है। ऐसे में विवाद का केंद्र सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि और उससे जुड़ी जलनिकासी व्यवस्था बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पानी के प्राकृतिक निकास का रास्ता बाधित हुआ तो बारिश के दौरान आसपास के रास्तों और घरों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
मानसिंह ने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा गाटा संख्या 184 को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। प्रशासनिक और राजस्व स्तर पर भूमि की स्थिति तथा मौके की जलनिकासी व्यवस्था की जांच के बाद विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।







