सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
15 पदों पर नियुक्ति की सहमति के बाद
धरना समाप्ति की राह खुली।
सीडीओ और सीएमओ ने आन्दोलनकारियों से की वार्ता।
रविवार को होगी धरना समाप्ति की औपचारिक घोषणा।
एक माह में नियुक्तियां नहीं हुईं तो फिर शुरू होगा आन्दोलन।
ऊखीमठः प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहे अनिश्चितकालीन धरने के बीच शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत और मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 पारुल गोयल आन्दोलनकारियों के बीच पहुंचे। धरना स्थल पर हुई वार्ता में शासनादेश के अनुसार स्वीकृत 15 पदों पर नियुक्ति को लेकर सहमति बनी। इसके बाद आन्दोलनकारियों ने रविवार को धरना समाप्ति की विधिवत घोषणा करने की बात कही।
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उच्चीकरण की मांग को लेकर क्षेत्रीय जनता विगत माह 14 सितम्बर से आन्दोलनरत है। धरने को ऊखीमठ सहित तुंगनाथ और मदमहेश्वर घाटी के जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों का समर्थन मिलता रहा है। आन्दोलनकारियों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्र की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण बेहद आवश्यक है। पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को उपचार के लिए दूरस्थ क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है।
शनिवार को मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी के धरना स्थल पर पहुंचने के बाद आन्दोलनकारियों के साथ वार्ता हुई। वार्ता में शासनादेश के अनुसार स्वीकृत 15 पदों पर नियुक्ति के विषय में सहमति बनने को आन्दोलन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके बाद आन्दोलनकारियों ने रविवार को धरना समाप्ति की औपचारिक घोषणा करने का निर्णय लिया।
हालांकि, आन्दोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि धरना समाप्त करने का निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में शासनादेश के अनुरूप ठोस कार्रवाई की अपेक्षा के साथ लिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर शासनादेश के अनुसार स्वीकृत पदों पर नियुक्तियां नहीं की गईं, तो क्षेत्रीय जनता फिर से आन्दोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुब्जा धर्म्वाण ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग है। इसलिए केवल आश्वासन तक सीमित रहने के बजाय स्वीकृत पदों पर समयबद्ध नियुक्तियां सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि ऊखीमठ और आसपास की घाटियों के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। संघर्ष समिति अध्यक्ष राजीव भट्ट ने कहा कि शासनादेश व सीडीओ, सीएमओ से हुई वार्ता के अनुसार एक माह में स्वीकृत पदों पर तैनाती नहीं की गयी तो एक माह बाद फिर से आनन्दोलन शुरू किया जायेगा। इस मौके पर सभासद सरला रावत, प्रदीप धर्म्वाण, दलवीर रावत, कर्मवीर कुंवर, बलवन्त रावत, धर्मेन्द्र तिवारी, विराट भट्ट, महेन्द्र सिंह रावत, शावशरण पंवार, जयन्त नैथानी, गोविन्द सिंह पंवार, अनुसूया प्रसाद टमटा, सुभाष पंवार, महिपाल रावत, शंकर स्वामी, शिवानन्द सेमवाल सहित सैकड़ों आन्दोलनकारी मौजूद थे।







