प्रख्यात जनवादी रचनाकार ऋतुराज नहीं रहे। वे 86 साल के थे और प्रोस्टेट की बीमारी से जूझ रहे थे।

Spread the love

 

ब्यूरोः   (नया अध्याय)

 

                     (w) 6395080071

 

 

       प्रख्यात जनवादी रचनाकार ऋतुराज नहीं रहे।

वे 86 साल के थे और प्रोस्टेट की बीमारी से जूझ रहे थे।

 

मीरा पुरस्कार, बिहारी पुरस्कार और पहल सम्मान से सम्मानित ऋतुराज की कविता “कन्यादान” बेहद लोकप्रिय रही है।

 

उक्त कविता राजस्थान के शिक्षा संस्थानों के पाठ्यक्रम में आज भी पढ़ाई जाती है।

वे प्रगतिशील लेखक संघ के महत्वपूर्ण सदस्य थे।

 

ऋतुराज की कविताओं का घर कभी-कभी मुझे अपना-सा अपना घर लगता रहा है। उनकी रिक्तता के बाद भी उनकी उपस्थिति बनी रहेगी। उनकी स्मृतियों को विनम्र नमन।

  • Related Posts

    खामोशी का मौका भी मुनादी भी।

    Spread the love

    Spread the love  राजकुमार कुम्भज                                          जवाहरमार्ग, इन्दौर        …

    कर्मफल  (भाग 12)

    Spread the love

    Spread the love  राजेन्द्र रंजन गायकवाड                                           (सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    खामोशी का मौका भी मुनादी भी।

    • By User
    • October 27, 2026
    • 8 views
    खामोशी का मौका भी मुनादी भी।

    प्रख्यात जनवादी रचनाकार ऋतुराज नहीं रहे। वे 86 साल के थे और प्रोस्टेट की बीमारी से जूझ रहे थे।

    • By User
    • October 27, 2026
    • 17 views
    प्रख्यात जनवादी रचनाकार ऋतुराज नहीं रहे। वे 86 साल के थे और प्रोस्टेट की बीमारी से जूझ रहे थे।

    कर्मफल  (भाग 12)

    • By User
    • October 27, 2026
    • 10 views
    कर्मफल   (भाग 12)

    सशक्त हस्ताक्षर की 53 वीं काव्य गोष्ठी संपन्न 

    • By User
    • October 27, 2026
    • 23 views
    सशक्त हस्ताक्षर की 53 वीं काव्य गोष्ठी संपन्न 

    शासकीय माध्यमिक शाला मूरा के शिक्षक डॉ. कृष्ण कुमार साहू को अंग्रेजी विषय में मिली पीएचडी की उपाधि।

    • By User
    • October 27, 2026
    • 13 views
    शासकीय माध्यमिक शाला मूरा के शिक्षक डॉ. कृष्ण कुमार साहू को अंग्रेजी विषय में मिली पीएचडी की उपाधि।

    50 बाल कवि तैयार किए, 150 रचनाकारों को दिलाई पहचान; राजिम के ‘साहिर’ को छत्तीसगढ़ गौरव अवार्ड।

    • By User
    • October 27, 2026
    • 15 views
    50 बाल कवि तैयार किए, 150 रचनाकारों को दिलाई पहचान; राजिम के ‘साहिर’ को छत्तीसगढ़ गौरव अवार्ड।