सुश्री सरोज कंसारी
लेखिका एवं कवयित्री
नवापारा राजिम, जिला-रायपुर (छ. ग)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
(w) 6395080071
50 बाल कवि तैयार किए, 150 रचनाकारों को दिलाई पहचान; राजिम के ‘साहिर’ को छत्तीसगढ़ गौरव अवार्ड।
‘आओ कविता लिखें’ पहल से विद्यार्थियों में साहित्य का बीजारोपण, ‘रत्नांचल’ काव्य संग्रह में जिले की प्रतिभाओं को मिला स्थान।
राजिम 26 अक्टूबर: साहित्य सृजन, बाल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और स्थानीय रचनाकारों को पहचान दिलाने के प्रयासों के लिए राजिम के शायर जितेन्द्र सुकुमार ‘साहिर’ को छत्तीसगढ़ गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया। राजधानी रायपुर में साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था वक्ता मंच और दबंग स्वर के 6 वे स्थापना दिवस पर उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया। विद्यार्थियों में कविता लेखन की रुचि विकसित करने और गरियाबंद जिले के साहित्यकारों को साझा मंच उपलब्ध कराने में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. राजाराम थे। अध्यक्षता दबंग स्वर के प्रधान संपादक पंडित पी.के. तिवारी ने की। वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते, केन्द्रीय हिन्दी सलाहकार सदस्य एवं शायर माणिक वर्मा ‘नवरंग’ और संयोजक शुभम साहू सहित साहित्य एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि
जितेन्द्र सुकुमार ‘साहिर’ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करेली बड़ी, विकासखंड मगरलोड में पदस्थ हैं। शिक्षकीय दायित्वों के साथ वे विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को दिशा देने में जुटे हैं। ‘आओ कविता लिखें’ पहल के माध्यम से उन्होंने छात्र-छात्राओं को कविता लेखन के लिए प्रेरित किया। इस प्रयास से अब तक 50 बाल कवि तैयार हो चुके हैं। बच्चों को अपनी भावनाएं और विचार शब्दों में पिरोने का अवसर देकर उन्होंने नई पीढ़ी में साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने का प्रयास किया है।
‘रत्नांचल’ में 150 रचनाकारों की कविताएं प्रकाशित
साहिर रत्नांचल जिला साहित्य एवं जनकल्याण समिति के अध्यक्ष भी हैं। इस मंच के माध्यम से वे जिले के कवि-लेखकों को प्रोत्साहित करने और उनकी रचनाओं को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने गरियाबंद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 150 कवि-लेखकों को जोड़कर उनकी परिचयात्मक जानकारी और काव्य रचनाओं का संकलन तैयार कराया। ‘रत्नांचल’ नाम से प्रकाशित इस काव्य संग्रह में जिले की साहित्यिक प्रतिभाओं को स्थान मिला है।
यह पहल उन रचनाकारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें अपनी रचनाएं प्रकाशित कराने और व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचने के अवसर कम मिलते हैं। संग्रह के माध्यम से स्थानीय साहित्यिक गतिविधियों को संकलित करने के साथ जिले की रचनात्मक विरासत को सामने लाने का प्रयास किया गया है। इनके सम्मानित होने से पूरे क्षेत्र में खुशी एवं उल्लास का माहौल है। लगातार इन्हें बधाई देने का क्रम जारी है।






