सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
मोहनखाल में मोटर मार्ग की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना 74वें दिन भी जारी।
शासनादेश जारी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान।
तुंगनाथ, कार्तिक स्वामी सहित कई तीर्थस्थलों को पर्यटन से जोड़ने में अहम साबित होगा मार्ग।
ऊखीमठ: मोहनखाल–किणझाणी–चोपता (तुंगनाथ) मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर मोहनखाल में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना 74वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक मोटर मार्ग निर्माण के लिए शासनादेश जारी नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि इस मोटर मार्ग का निर्माण क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग पूरी करने के साथ ही धार्मिक पर्यटन, तीर्थाटन और स्थानीय स्वरोजगार को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
आंदोलनकारियों के अनुसार, मोहनखाल–किणझाणी–चोपता मोटर मार्ग का निर्माण होने से तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम सहित कार्तिक स्वामी, मोहनखाल, नागनाथ और वामनाथ जैसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के बीच आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन स्थलों तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी तथा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं का विस्तार हो सकेगा।
आन्दोलनकारियो का मानना है कि वर्तमान में सड़क सुविधा के अभाव अथवा सीमित संपर्क के कारण क्षेत्र के अनेक धार्मिक एवं पर्यटन स्थल अपनी संभावनाओं के अनुरूप पहचान नहीं बना पा रहे हैं। मोटर मार्ग बनने से इन स्थलों तक पहुंच आसान होगी और स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही होटल, होम स्टे, स्थानीय उत्पादों की बिक्री, परिवहन तथा अन्य स्वरोजगार के अवसर भी विकसित हो सकेंगे।
आंदोलनकारियों ने शासनादेश जारी करने की मांग दोहराई
धरनास्थल पर आंदोलनकारियों ने कहा कि मोटर मार्ग निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से प्रयासरत हैं। इसके बावजूद शासनादेश जारी नहीं होने से लोगों में निराशा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं से जुड़ी इस महत्वपूर्ण मांग को लेकर ग्रामीण एकजुट हैं। जब तक मोटर मार्ग निर्माण के संबंध में शासनादेश जारी नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
तीर्थाटन और पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
मोहनखाल–किणझाणी–चोपता मोटर मार्ग को क्षेत्र की धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है। तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ धाम और कार्तिक स्वामी सहित नागनाथ एवं वामनाथ जैसे धार्मिक स्थलों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने से श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की संभावनाएं हैं। इससे क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक विरासत और स्थानीय लोकसंस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने में भी मदद मिल सकती है।
आन्दोलनकारियो ने शासन-प्रशासन से मांग की कि जनभावनाओं और क्षेत्र की विकास संभावनाओं को देखते हुए मोटर मार्ग निर्माण की दिशा में शीघ्र ठोस निर्णय लिया जाए। अब आंदोलन के 74वें दिन भी धरना जारी रहने से ग्रामीणों की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। इस मौके पर राजीव नेगी, गोविन्द प्रसाद, राकेश सिंह, प्रदीप, अनिल सिंह राणा, व्यापार संघ अध्यक्ष धर्मेन्द्र बिष्ट, विशाल सिंह, अमर सिंह , प्रताप सिंह, दर्शन सिंह बिष्ट, हरीश नेगी, प्रेम सिंह, संजय सिंह, ललित मोहन सिंह सहित दर्जनों आन्दोलनकारी मौजूद रहे।







