प्रभारी सम्पादकः दिनेश शास्त्री
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सपा की मान्यता निरस्त करे चुनाव आयोग : गढ़वाल हितैषिणी सभा।
देहरादून: गढ़वाल हितैषिणी सभा दिल्ली ने भारत के चुनाव आयोग को पत्र भेज कर उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा उत्तराखंड के नागरिकों के प्रति दुर्भावना से प्रेरित होकर संविधान विरोधी बयान देने की निंदा करते हुए तत्काल समाजवादी पार्टी की मान्यता निरस्त करने की मांग की है।
गढ़वाल हितैषिणी सभा के अध्यक्ष सूरत सिंह रावत और महामंत्री पवन कुमार मैठाणी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजे पत्र में कहा है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में रह रहे उत्तराखंड के मूल निवासियों को घुसपैठिए कह कर संबोधित किया है, यह नितांत भारत के संविधान का अपमान है और नागरिक अधिकारों का हनन है। पत्र में कहा गया है कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को देश में कहीं भी स्वतंत्र रूप से निवास का अधिकार देता है, किंतु सपा प्रमुख ने इसके ठीक विपरीत उत्तराखंड के मूल निवासियों को घुसपैठिया कह कर न सिर्फ अपमनित किया बल्कि नागरिकों के मूलभूत अधिकारों की भी अवज्ञा की है। इससे देश की एकता और अखंडता को भी चोट पहुंचती है। उन्होंने पत्र में कहा है कि अखिलेश यादव तत्काल अगर उत्तराखंडी समाज से माफी नहीं मांगते हैं तो समाजवादी पार्टी की मान्यता को तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए।
श्री रावत और श्री मैठाणी ने कहा कि गढ़वाल हितैषिणी सभा 103 वर्ष पुरानी संस्था है और उत्तराखंड मूल के लोगों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। अखिलेश यादव का बयान नितांत पीड़ादायक है, लिहाजा नागरिक गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले इस दल की मान्यता निरस्त की जानी चाहिए।







