बड़े अजीब से हो गए हैं रिश्ते, आज-कल,

Spread the love

 

 

राजेन्द्र रंजन गायकवाड                                           (सेवा निवृत्त केंद्रीय जेल अधीक्षक)                    बिलासपुर, छत्तीसगढ़ 

                                                   

                    (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                                            (w)6395080071

 

 

 

बड़े अजीब से हो गए हैं रिश्ते, आज-कल,

सब फुर्सत में हैं, वक्त किसी के पास नहीं।

दिलों की दूरियां, बढ़ती ही जा रही हैं रोज,

नजदीक होकर भी, कोई आस पास नहीं।

मोबाइल की स्क्रीन में, सिमट गई है दुनिया,

अपनों की आवाज, सुनने की प्यास नहीं।

सब व्यस्त हैं, आभासी महफिलों में यहाँ,

सच्चे जज्बातों का अब वो अहसास नहीं।

फुर्सत तो बहुत है, घर की चारदीवारी में,

मगर मिलकर बैठने, का वो उल्लास नहीं।

दिखावे की रौनक में खो गए हैं सब लोग

रिश्तों में बची अब वो जानी मिठास नहीं।

 

  • Related Posts

    Spread the love

    Spread the love  सुनील कुमार वर्मा बिलासपुर, छत्तीसगढ़                         (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                 …

    पैमाइश के चार दिन बाद खेत पर फिर कब्जे का आरोप, पीड़ित ने पुलिस से लगाई गुहार।

    Spread the love

    Spread the love  संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह                   (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                     …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    • By User
    • October 31, 2026
    • 2 views

    बड़े अजीब से हो गए हैं रिश्ते, आज-कल,

    • By User
    • October 31, 2026
    • 7 views
    बड़े अजीब से हो गए हैं रिश्ते, आज-कल,

    इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि एवं सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कांग्रेसियों ने किया फल वितरण।

    • By User
    • October 31, 2026
    • 6 views
    इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि एवं सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर कांग्रेसियों ने किया फल वितरण।

    अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल 2026: सुरमई सुरों, भावपूर्ण कथावाचन और कालिदास के समकालीन विमर्श से सजा दूसरा दिन।

    • By User
    • October 31, 2026
    • 9 views
    अल्मोड़ा लिटरेचर फेस्टिवल 2026: सुरमई सुरों, भावपूर्ण कथावाचन और कालिदास के समकालीन विमर्श से सजा दूसरा दिन।

    16 वर्षों बाद रांसी गांव में बगडवाल नृत्य का भव्य आयोजन, भक्तिमय हुआ मदमहेश्वर घाटी का वातावरण। 

    • By User
    • October 31, 2026
    • 18 views
    16 वर्षों बाद रांसी गांव में बगडवाल नृत्य का भव्य आयोजन, भक्तिमय हुआ मदमहेश्वर घाटी का वातावरण। 

    पैमाइश के चार दिन बाद खेत पर फिर कब्जे का आरोप, पीड़ित ने पुलिस से लगाई गुहार।

    • By User
    • October 31, 2026
    • 11 views
    पैमाइश के चार दिन बाद खेत पर फिर कब्जे का आरोप, पीड़ित ने पुलिस से लगाई गुहार।