मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश चन्द्र भट्ट
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w) 6395080071
पाशुपत-भैरव पूजन ही कलियुग में कल्याण का मार्ग: शिव योगी-
खत्याड़ी में शिव महापुरारण कथा में गूंजे जयकारे।
कथा में शिव विवाह सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु।
अल्मोड़ाः नगर के खत्याड़ी में श्री शिव महापुराण कथा जारी है। बुधवार को कथा के अष्टम दिवस पर जैसे ही शिव उपासक कमल शिव योगी ने भगवान शिव के विवाह का प्रसंग शुरू किया, वैसे ही पूरा कथा पंडाल शिव के जयकारों से गूंज उठा।
शिव उपासक योगी ने शिव बारात का अलौकिक दृश्य बड़े ही मनोहारी अंदाज में बताया कि कैसे भोलेनाथ की बारात में भूत-प्रेत, गण-गंधर्व, देवता सभी नाचते हुए चले। उन्होंने कहा कि शिव कोई साधारण वर नहीं हैं, वे तो स्वयं इस सृष्टि के संहारक और पालक हैं। माता पार्वती के साथ उनका विवाह यह संदेश देता है कि शिव के बिना शक्ति अधूरी है और शक्ति के बिना शिव। वहीं, इस प्रसंग को सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें भर आई। कथा के मुख्य अंश में उन्होंने अपनी सिद्ध साधना का निचोड़ भक्तों के सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज लोग छोटी-छोटी परेशानियों से घबराकर गलत रास्तों पर चले जाते हैं। जबकि भगवान शिव की एक ही विधि, पाशुपत पर्व और भैरव पूजन विधि से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है। इस विधि के नियमित पूजन से घर में नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है, अकाल मृत्यु का भय टलता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां यजमान शैलेंद्र साह सोबू ने बताया कि पांच नवंबर गुरुवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी क्षेत्र वासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंच भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की। यहां मुख्य यजमान कैलाश साह, रेखा साह, मीनू साह, अंकित, हर्ष साह, प्रदीप, राकेश साह, ऋतिक साह आदि लोग मौजूद रहे।
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जगत कल्याण ही है अंतिम लक्ष्य
शिव उपासक कमल शिव योगी केवल कथा वाचक ही नहीं, बल्कि एक समाजसेवी के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। उन्होंने मंच से बताया कि भक्ति के साथ-साथ शरीर का स्वस्थ होना भी जरूरी है। इसी जगत कल्याण की भावना से वे वर्षों से पीड़ित मानवता की सेवा कर रहे हैं। उनके द्वारा कैंसर, शुगर, किडनी रोग आदि समस्याओं के लिए दुर्लभ हिमालयी जड़ी-बूटियों से तैयार की गई आयुर्वेदिक औषधियां जरूरतमंदों को दी जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई चमत्कार का दावा नहीं, बल्कि आयुर्वेद और शिव आराधना के समन्वय से किया गया एक सेवा प्रयास है, ताकि कोई भी व्यक्ति धन के अभाव में इलाज से वंचित न रहे।






