ब्यूरो कुमाऊंः दयानन्द कठैत अल्मोड़ा।
सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में सांस्कृतिक कार्यक्रमों माध्यम से स्वरोजगार के साथ साथ पारंपरिक पहचान का होगा प्रचार-प्रसार : जिलाधिकारी।
सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में आज जिलाधिकारी के निर्देशानुसार संस्कृति विभाग अल्मोड़ा द्वारा जिले के तमाम लोक कलाकारों के साथ एक मीटिंग की गई, जिसमें यहां की लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के विषय पर चर्चा की गई।
प्रभारी निदेशक ( राजकीय संग्रहालय अल्मोड़ा) डॉ चन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि यहां की लोक संस्कृति के साथ साथ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नगर में अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिससे स्थानीय कलाकारों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्थानीय कलाकारों के साथ विचार-विमर्श करके उनकी राय भी ली जाए, जिससे आगे कार्यक्रम संचालित करने में आसानी हो।
प्रशासनिक अधिकारी शिवराज सिंह बिष्ट ने कहा कि अपनी संस्कृति, परंपराओं, खान-पान, रहन-सहन, वेशभूषा,लोक विधाएं जो हमारी पहचान है उसका प्रचार-प्रसार के लिए ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिससे हमारी नई पीढ़ी को इसकी सही जानकारी मिल सके और हमारी पहचान देश-दुनिया में बनी रहे।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से हमारे लोक कलाकारों को रोजगार भी मिलेगा तथा पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा जिससे अन्य लोगों को भी रोजगार मिलेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों ने अपने विचार रखे तथा अपने सुझाव भी दिए ताकि ऐसे कार्यक्रमों को सुचारू रूप से आयोजित किया जा सके। उन्होंने जिलाधिकारी तथा संस्कृति विभाग के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए खुशी जताई है। संस्कृति विभाग अल्मोड़ा द्वारा इस कार्यक्रम के बारे में विस्तार से चर्चा की गई तथा भविष्य के लिए इसकी रणनीति तैयार करने के लिए बातचीत की गई।
इस अवसर पर वहां व्यक्तिग सहायक सुरेन्द्र सिंह, छायाकार अखिलेश मौर्य, रविन्द्र बिष्ट तथा कलाकार चंदन बोरा, बिमला बोरा, नवीन बिष्ट, रेखा चम्याल, देवेन्द्र भट्ट (रिक्की), राजेन्द्र आर्य, दयानन्द कठैत, मनोज चम्याल,कुवर राज,प्रकाश भट्ट, अमर बोरा, गीता सिराड़ी, नवीन कुमार,मदन मोहन सनवाल आदि लोग मौजूद थे।







