सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय)
ऊखीमठः शनिवार देर सांय को भगवान केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मन्दिर में केदार पुरी के क्षेत्र रक्षक भुकुन्ड भैरव पूजन के साथ 11 वे ज्योर्तिलिंग भगवान केदारनाथ की यात्रा का विधिवत आगाज हो गया है। भक्तों के सहयोग से मन्दिर समिति द्वारा ओंकारेश्वर मन्दिर को विभिन्न प्रजाति के आठ कुन्तल फूलो से सजाया गया है। रविवार को आर्मी की बैण्ड धुनो व भक्तों की जयकारो के साथ भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली ऊखीमठ से कैलाश के लिए रवाना होगी तथा विभिन्न यात्रा पडावों पर भक्तों को आशीर्वाद देते हुए 21अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी तथा 22 अप्रैल को भगवान केदारनाथ के कपाट प्रातःकालीन बेला पर वैदिक मंत्रोच्चारण व विधि – विधान के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिये जायेंगे। भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के साथ ऊखीमठ से केदारनाथ धाम तक पद यात्रा में शामिल होने वाले सैकड़ों तीर्थ यात्री ऊखीमठ पहुंच चुके है। केदारनाथ धाम मे मन्दिर समिति का एडवांस दल द्वारा 21 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाये चाक चौबंद करने के प्रयास किये जा रहे है। जल संस्थान द्वारा गौरीकुंड – केदारनाथ 18 किमी पैदल मार्ग पर पेयजल आपूर्ति सुचारू कर दी गयी है। केदारनाथ यात्रा के यात्रा पडा़वो पर व्यापारियो के रूख करने से यात्रा पडा़वो पर धीरे – धीरे रौनक लौटने लगी है। जानकारी देते हुए ओंकारेश्वर मन्दिर प्रभारी विजेन्द्र बिष्ट ने बताया कि शनिवार देर सांय को ओकारेश्वर मन्दिर में केदार पुरी के क्षेत्र रक्षक भुकुण्ड भैरव की पूजा विधि विधान से सम्पन्न की गयी तो स्थानीय जनता द्वारा नये अनाज का भोग लगाकर आगामी ग्रीष्मकालीन यात्रा के निर्विघ्न सम्पन्न होने की कामना की गयी। उन्होंने बताया कि भैरव पूजन व भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के ऊखीमठ से कैलाश रवाना होने के पावन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के सहयोग से ओकारेश्वर मन्दिर को विभिन्न प्रजाति से 8 कुन्तल पुष्पो से सुसज्जित किया गया है। बताया कि रविवार को भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली शीतकालीन गद्दी ओंकारेश्वर मन्दिर से धाम के लिए रवाना होगी तथा प्रथम रात्रि प्रवास के लिए फाटा पहुंचेगी तथा भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली विभिन्न यात्रा पडा़वों पर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचकर भण्डार गृह में विराजमान होगी तथा 22 अप्रैल को ब्रह्म बेला पर भगवान केदारनाथ के कपाट वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ग्रीष्मकाल के लिए खोल दिए जायेंगे। मन्दिर समिति के डी एस भुजवाण ने बताया कि केदारनाथ धाम में मन्दिर समिति का एडवांस दल सभी यात्रा व्यवस्थाओ को सुव्यवस्थित करने के लिए जी जान से जुटा हुआ है तथा आगामी 21 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाये चाक – चौबंद की जायेगी।







