संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, देहरादून)
डिजिटल जनभागीदारी की मिसाल बना कन्नौज : पुलिस अधीक्षक ने स्वयं कराई स्व-जनगणना।
कन्नौज: भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राष्ट्र की विकास यात्रा का आधार होती है। वर्ष 2027 की प्रस्तावित जनगणना को आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित “स्व-गणना अभियान” में जनपद कन्नौज ने भी सक्रिय भागीदारी का परिचय दिया है।
07 मई से 21 मई 2026 तक चल रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक कन्नौज विनोद कुमार ने स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी स्व-जनगणना कर डिजिटल जागरूकता और उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी संदेश दिया। यह पहल न केवल प्रशासनिक सहभागिता का उदाहरण बनी, बल्कि आम नागरिकों को भी तकनीक आधारित जनगणना प्रक्रिया से जुड़ने के लिए प्रेरित करने वाली साबित हुई।
इस अवसर पर जनपदीय मास्टर ट्रेनर जनगणना सस्मित कुमार द्विवेदी की उपस्थिति में स्व-गणना की पूरी प्रक्रिया संपन्न हुई। उन्होंने अभियान से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि नागरिक अब घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी सुरक्षित और सरल तरीके से दर्ज कर सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं इस अभियान में भाग लेना यह दर्शाता है कि प्रशासन जनसहभागिता और डिजिटल भारत की अवधारणा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका यह कदम पुलिस विभाग के कर्मचारियों तथा आमजन दोनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों से भी अपील की कि वे इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़कर जनगणना प्रक्रिया को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
आज के डिजिटल युग में स्व-गणना जैसी पहलें पारदर्शिता, समयबद्धता और सटीक आंकड़ों को सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे न केवल सरकारी योजनाओं के निर्माण में सहायता मिलेगी, बल्कि देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना को समझने में भी मजबूती प्राप्त होगी।
नागरिक निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं—
स्व-गणना पोर्टल�
कन्नौज में शुरू हुई यह जागरूकता केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि “सशक्त नागरिक—सशक्त राष्ट्र” की भावना को साकार करने वाला जनआंदोलन बनती दिखाई दे रही है।







