सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, देहरादून)

वेद ऋचाओं से गूंजा भगवती कालिंका मंदिर।
सकलीकरण यज्ञ में उमड़ा आस्था का सैलाब।
ऊखीमठ: नगर पंचायत क्षेत्र के भटेश्वर वार्ड एवं कुण्ड-चोपता राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी भटवाड़ी गांव के निकट प्रकृति की सुरम्य वादियों में जगत कल्याण के लिए तपस्यारत भगवती कालिंका के पावन मन्दिर में तीन दिवसीय सकलीकरण यज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। वैदिक आचार्यों ने वेद ऋचाओं के उच्चारण एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ यज्ञ की शुरुआत कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।
यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर मन्दिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन कुंड से उठती पवित्र अग्नि की लपटों और धूप-दीप की सुगंध से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से भगवती कालिंका की पूजा-अर्चना कर सुख-शांति एवं क्षेत्र की खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।
स्थानीय वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों ने धार्मिक आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए। ढोल-दमाऊं सहित पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने भगवती कालिंका के जयकारे लगाए। मन्दिर परिसर में गूंजते जयघोष और धार्मिक भजनों से समूचा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु भी भक्ति में लीन नजर आए।
यज्ञ समिति अध्यक्ष दलपत सिंह पंवार ने बताया कि तीन दिनों तक चलने वाले सकलीकरण यज्ञ में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, वैदिक पूजा-पाठ एवं हवन आयोजित किए जाएंगे। यज्ञ के माध्यम से देवी भगवती से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, प्राकृतिक आपदाओं से रक्षा तथा समस्त प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना की जा रही है। आचार्य विश्व मोहन जमलोकी, अभ्युदय जमलोकी, वेद प्रकाश जमलोकी का मानना है कि भगवती कालिंका की आराधना से क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का संचार होता है और श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
प्रकृति की गोद में स्थित भगवती कालिंका मन्दिर भटवाड़ी की आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्ता के चलते यज्ञ में स्थानीय ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। मन्दिर परिसर में पारंपरिक धार्मिक संस्कृति की अनुपम झलक भी देखने को मिल रही है। तीन दिवसीय आयोजन को लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह बना हुआ है।
यज्ञ के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवती कालिंका से जगत के कल्याण, क्षेत्र की शांति और समृद्धि की कामना की। वैदिक मंत्रों एवं पारंपरिक वाद्य यंत्रों की स्वर लहरियों के बीच शुरू हुआ यह धार्मिक अनुष्ठान आने वाले दिनों में भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहेगा। इस मौके पर सभासद बलवीर पंवार, पूर्व सभासद रविन्द्र रावत, पूर्व प्रधान प्रकाश रावत, यज्ञ समिति कोषाध्यक्ष राकेश तिवारी, महेन्द्र सिंह रावत, शेर सिंह राणा, जगत सिंह पुष्वाण, जगमोहन सिंह, प्रेम सिंह, राजेन्द्र प्रसाद, रमेशचन्द्र तिवारी, मान सिंह रावत, भारत सिंह रावत, तेज प्रकाश त्रिवेदी, राय सिंह रावत सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी व सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।







