सरोज कंसारी
कवयित्री, लेखिका व शिक्षिका
रिपोर्टर, उद्घोषिका, नवापारा-राजिम
रायपुर, (छत्तीसगढ़)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
लेख:
वक्त झुकेगा, तुम अपनी जिद पर रहना
– सरोज कंसारी
“संवेदनशीलता मनुष्य की सुंदरता है, इसे बनाए रखें।”
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कुछ भी स्मरण करने से अधिक, भूलना आवश्यक होता है हमारे अंतर्मन के लिए। हमारा अंतर्मन तभी शीतल रहता है। कोई भी पीड़ा हमें क्षण भर भी दुखी नहीं कर सकती, यदि हम इसी वर्तमान में जीते हैं। इंसान दुखी इसलिए हो जाता है क्योंकि वह अतीत को खींच कर चलता है। जैसे ही वह वर्तमान में पूरी जागरूकता के साथ जीने लगता है, सब ठीक लगने लगता है। मन तो वैसे स्थिर और शांत ही है, बस अधिक चिंतन नहीं, अधिक उत्सुकता होनी चाहिए। जागरूक होकर, सहजता से जब इंसान हर पल को जीता है, हर क्षण को साक्षी भाव से देखता और सीखता है, तो मन स्वतः ही हल्का हो जाता है। वह उसे भारी होने ही नहीं देता।
काव्य:
”हर पल जो जागकर जीता है,
सहजता से क्षण-क्षण को देखता,
सीखता और हल्का रहता है,
मन को जो भारी होने नहीं देता,
बस वही जीना जानता है।”
जागरूकता मुक्ति है। जो वर्तमान में साक्षी होकर जीता है, वो मन के बोझ से मुक्त हो जाता है। संवेदनशीलता मानव मन की सुंदरता है। यह जीवन एक निरंतर बहती हुई नदी है, जिसमें हम सभी यात्री अपनी यात्रा पर बढ़ रहे हैं। हमें भीतर से हर पल प्रसन्न रहना है। हमें कोई भी दुखी नहीं कर सकता, यह वास्तविकता है, और मनुष्य को इसे स्वीकार करना ही चाहिए। यदि हमें कोई दुखी करता है, तो वे हमारे ही असंख्य सवाल और मन में उठने वाले विचार हैं। जब हम एकदम शांत हो जाते हैं, तो भीतर एक रोशनी आती है, और उसी रोशनी से हम हर ओर सकारात्मकता फैलाते हैं।
मन का शांत रहना हमारे लिए कितना आवश्यक है, यह हम सभी जानते हैं। मन को सदा हल्का रखना चाहिए, वाणी और स्वभाव को सरल, सहज और सुंदर। यह संसार तो केवल एक उपस्थिति है, यहाँ होता वही है जो ईश्वर चाहता है। यह दुनिया एक मेला है, जहाँ बस भागदौड़ है, और अब तो हृदयों में इंसानियत भी कम बची है।
हमें ईश्वर का धन्यवाद करना चाहिए। वह सर्वव्यापी है, सब देखता और जानता है। सबसे बड़ा दयालु तो वही है। उसी ने दया को धर्म का मूल बताया है। पर इंसान को भी मानवता के कर्तव्य को निभाते रहना चाहिए। यदि मनुष्य मानवता और इंसानियत की खातिर सेवा के लिए हाथ नहीं बढ़ाता, तो वह मनुष्य नहीं, वह पशु के समान है। फिर तो इंसान होने का केवल दावा ही किया जाता है।







