सम्पादक फिरोजपुरः राजीव कुमार
(नया अध्याय, फिरोजपुर)

पंजाब बाल कल्याण परिषद की तीन दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक।
फिरोजपुर: 22 अगस्त (राजीव कुमार)। सारागढ़ी मेमोरियल मेरिटोरियस स्कूल, हुकूमत सिंह वाला, फिरोजपुर में पंजाब बाल कल्याण परिषद, चंडीगढ़ की ओर से स्कूल एवं जिला रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से 18 से 20 अगस्त तक तीन दिवसीय विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करना, भावनात्मक बुद्धिमत्ता विकसित करना, तनावमुक्त जीवन के लिए सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना तथा आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना था।
डॉ. सतिंदर सिंह, प्रिंसिपल-कम-उप जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी की अगुवाई तथा स्कूल इंचार्ज सुकीर्ति शर्मा के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में चंडीगढ़ से विशेष रूप से पहुंचीं काउंसलिंग मनोवैज्ञानिक सांभवी नेगी, अनवी बिंद्रा और थिएटर कलाकार कपिल ने विद्यार्थियों के साथ भावनात्मक एवं सामाजिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। विशेषज्ञों ने विभिन्न रचनात्मक एवं सहभागी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी भावनाओं को समझने, व्यक्त करने और नियंत्रित करने के तरीकों से अवगत कराया।
विशेषज्ञों ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी समस्या को छिपाने के बजाय माता-पिता, अध्यापकों, काउंसलरों या मनोवैज्ञानिकों के साथ खुलकर साझा करना चाहिए। विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, सहयोगात्मक और संवेदनशील वातावरण तैयार करना उनकी मानसिक एवं भावनात्मक भलाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर डॉ. सतिंदर सिंह ने कहा कि आवासीय स्कूल होने के कारण विद्यार्थी लंबे समय तक अपने माता-पिता और घर से दूर रहते हैं। किशोरावस्था के दौरान पढ़ाई, भविष्य, रिश्तों तथा अन्य सामाजिक-भावनात्मक चुनौतियों के कारण कई बार विद्यार्थी तनाव और मानसिक दबाव का सामना करते हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को ध्यान, साहित्यिक पुस्तकें पढ़ने, सैर करने, खेलों और अन्य सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना बेहद लाभदायक साबित होता है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ-साथ उनकी मानसिक और भावनात्मक सेहत सुनिश्चित करना भी स्कूल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए यह तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, ताकि विद्यार्थी अपनी भावनाओं और चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझ सकें तथा जरूरत पड़ने पर सही व्यक्ति से सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित हों।
स्कूल इंचार्ज सुकीर्ति शर्मा ने पंजाब बाल कल्याण परिषद और जिला रेड क्रॉस सोसायटी की टीम का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने भविष्य में भी स्कूल में इस प्रकार के उपयोगी और विद्यार्थी-केंद्रित कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।
इस अवसर पर सुनील शर्मा, सचिव रेड क्रॉस सोसायटी, सागर कुमार, स्कूल स्टाफ तथा रावी हाउस के सभी सदस्य भी उपस्थित रहे।






