सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
मदमहेश्वर मेले को भव्य एवं दिव्य स्वरूप
देने की तैयारी तेज।
18 से 20 नवम्बर तक ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ
में आयोजित होगा त्रिदिवसीय मेला।
नगर पंचायत अध्यक्ष कुब्जा धर्म्वाण की
अध्यक्षता में हुई बैठक।
ऊखीमठ: द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के कैलाश से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ आगमन के पावन अवसर पर आगामी 18 से 20 नवम्बर तक आयोजित होने वाले त्रिदिवसीय मदमहेश्वर मेले को भव्य एवं दिव्य स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के सफल आयोजन, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण तथा स्थानीय लोक संस्कृति के संवर्धन को लेकर मेला समिति एवं नगर पंचायत की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
मेले के आयोजन को लेकर मेला अध्यक्ष / नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुब्जा धर्म्वाण की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मेले को आकर्षक, सुव्यवस्थित एवं यादगार बनाने के लिए अनेक प्रस्ताव पारित किए गए। आयोजन को लेकर जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित लोगों ने अपने सुझाव भी रखे, ताकि श्रद्धालुओं, स्थानीय जनता और मेले में पहुंचने वाले अतिथियों को बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
द्वितीय केदार भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली का शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ आगमन धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। हिमालय की पावन परंपराओं से जुड़े इस अवसर पर प्रतिवर्ष श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। भगवान मदमहेश्वर के शीतकालीन प्रवास के दौरान ओंकारेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना एवं धार्मिक गतिविधियां जारी रहती हैं। इसी पावन अवसर को मदमहेश्वर मेले के रूप में उत्सवपूर्ण वातावरण में मनाया जाता है।
त्रिदिवसीय मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थानीय लोक संस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता देने पर भी जोर रहेगा। मेले के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।
ऊखीमठ क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़े इस मेले में आसपास के गांवों के लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण रहती है। मेले को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं, आयोजन की रूपरेखा तथा विभिन्न दायित्वों के निर्धारण पर बैठक में चर्चा की गई। मेला समिति का प्रयास है कि आयोजन में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी सशक्त रूप से सामने आए।
मेला समिति / नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुब्जा धर्म्वाण की अध्यक्षता में हुई बैठक में पारित प्रस्तावों के अनुरूप आगामी दिनों में तैयारियों को आगे बढ़ाया जाएगा। 18 से 20 नवम्बर तक आयोजित होने वाला यह त्रिदिवसीय मदमहेश्वर मेला धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और सामुदायिक सहभागिता का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली के शीतकालीन गद्दीस्थल आगमन के साथ ऊखीमठ में भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बनने की उम्मीद है। इस मौके पर व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट, मेला सचिव प्रकाश रावत, सभासद प्रदीप धर्म्वाण, सरला रावत, राजेन्द्र धर्म्वाण, रविन्द्र पुष्वाण, दिनेश तिवारी, प्रधान मनवर नेगी, पूर्व प्रधान सन्दीप पुष्वाण, जगदीश लाल, धर्मेन्द्र तिवारी, रेखा रावत, साक्षी नेगी, रोहन धर्म्वाण, मनवर धर्म्वाण, प्रताप धर्म्वाण, दलवीर रावत सहित जनप्रतिनिधि, मेला समिति पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।






