विद्वान एवं जनांदोलनों के नायक डॉ. गिरिधर पंडित के निधन पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने जताया शोक।

Spread the love

 

 

मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश चन्द्र भट्ट

 

 

                   (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                                                 (w)6395080071

 

विद्वान एवं जनांदोलनों के नायक डॉ. गिरिधर पंडित के

     निधन पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने जताया शोक।

 

 

     अल्मोड़ाः  उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने विद्वान, इतिहासकार, शिक्षाविद् और जनांदोलनों के सक्रिय साथी डॉ. गिरिधर पंडित के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। पार्टी ने कहा कि उनका निधन उत्तराखंड के बौद्धिक, सामाजिक और राजनीतिक जीवन की अपूरणीय क्षति है।

 

          पार्टी के संयोजक पी.सी. तिवारी ने डॉ. पंडित के साथ अपने पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि जब वे अल्मोड़ा कॉलेज में प्रवेश ले रहे थे, तब डॉ. पंडित यहां शोधार्थी और प्रखर छात्र नेता के रूप में सक्रिय थे। उन्होंने श्रीदेव सुमन, कामरेड नागेंद्र सकलानी और टिहरी रियासत के विरुद्ध जनसंघर्षों की कहानियों से युवाओं को परिचित कराया तथा उन्हें संघर्षों से जुड़े साहित्य को पढ़ने के लिए प्रेरित किया। यह उत्तराखंड संघर्ष वाहिनी के दौर की बात है, जब पहाड़ में सामाजिक-राजनीतिक बदलाव की चेतना मजबूत हो रही थी।

 

          वन आंदोलन के दौरान नैनीताल जेल से पी.सी. तिवारी और बालम सिंह जनौटी की रिहाई के समय हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में दर्ज मुकदमे में डॉ. पंडित की गिरफ्तारी टिहरी से हुई थी। इस मुकदमे में शमशेर सिंह बिष्ट, जी. दीवान धपोला, नवीन बंजारा, जगदंबा प्रसाद जोशी, जगमोहन गुरुरानी और प्रकाश सहित कई आंदोलनकारी शामिल थे। बाद में स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की पहल पर राज्य सरकार ने मुकदमा वापस लिया। पी.सी. तिवारी ने कहा कि अल्मोड़ा से शुरू हुआ उनका आत्मीय संबंध जीवनभर बना रहा।

 

            डॉ. पंडित ने टिहरी रियासत की निरंकुश राजशाही के विरुद्ध हुए ऐतिहासिक जनविद्रोह पर गहन और प्रामाणिक शोध किया, जिसका प्रकाशन वर्ष 2023 में हुआ। साम्यवादी विचारधारा से प्रेरित होकर वे 1969 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य बने और वन आंदोलन से लेकर उत्तराखंड राज्य आंदोलन तक सक्रिय रहे। शिक्षा के क्षेत्र में देवप्रयाग महाविद्यालय की स्थापना और उसके शुरुआती संचालन में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 

           पार्टी ने कहा कि डॉ. पंडित ने अपने शोध, लेखन और संघर्षशील जीवन से उत्तराखंड की जनपक्षधर वैचारिक परंपरा को समृद्ध किया। जीवन के अंतिम दिनों तक वे सांप्रदायिकता और सामाजिक अन्याय के विरुद्ध बेबाकी से लिखते रहे। उनका जाना एक विद्वान के साथ-साथ संघर्ष की उस परंपरा की बड़ी क्षति है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

 

     उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने शोकाकुल परिजनों और उनके सभी साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • Related Posts

    बजरंग दल की नवीन जिला टोली की घोषणा, चार कार्यकर्ताओं को सौंपे गए दायित्व।

    Spread the love

    Spread the love  मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश चन्द्र भट्ट                        (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)               …

    सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण आक्रोशित।

    Spread the love

    Spread the love  संवाददाता नौगाँव: प्रदीप सिंह असवाल               (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                           …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    क्या नादान समझते हो

    • By User
    • October 25, 2026
    • 4 views
    क्या नादान समझते हो

    विद्वान एवं जनांदोलनों के नायक डॉ. गिरिधर पंडित के निधन पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने जताया शोक।

    • By User
    • October 24, 2026
    • 14 views
    विद्वान एवं जनांदोलनों के नायक डॉ. गिरिधर पंडित के निधन पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने जताया शोक।

    बजरंग दल की नवीन जिला टोली की घोषणा, चार कार्यकर्ताओं को सौंपे गए दायित्व।

    • By User
    • October 24, 2026
    • 9 views
    बजरंग दल की नवीन जिला टोली की घोषणा, चार कार्यकर्ताओं को सौंपे गए दायित्व।

    नोबेल नहीं दिया तो पुलित्जर ही दे दो?

    • By User
    • October 24, 2026
    • 9 views
    नोबेल नहीं दिया तो पुलित्जर ही दे दो?

    सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण आक्रोशित।

    • By User
    • October 24, 2026
    • 15 views
    सड़क निर्माण में घटिया गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण आक्रोशित।

    शरद पूर्णिमा महारास : मन के चंद्रमा पर इंद्रियों का नृत्य।

    • By User
    • October 24, 2026
    • 15 views
    शरद पूर्णिमा महारास : मन के चंद्रमा पर इंद्रियों का नृत्य।