संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.): दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w) 6395080071
रौरी पंचायत में विकास कार्यों पर उठे सवाल, सुविधाओं के इंतजार में ग्रामीण।
गौशाला के निर्माण, सामुदायिक शौचालय पर ताला और पेयजल आपूर्ति को लेकर मांगा जवाब; मजरों की सड़कों की बदहाली का भी उठाया मुद्दा।
कन्नौज: छिबरामऊ विकास खंड की ग्राम पंचायत रौरी में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की स्थिति को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कहीं गौशाला के निर्माण और संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है, तो कहीं सामुदायिक शौचालय पर ताला लगे रहने और घरों के बाहर लगी टोंटियों से पानी नहीं आने की शिकायतें सामने आई हैं। मजरों की बदहाल सड़कों और पेंशन संबंधी समस्याओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
समाजसेवी गणेश प्रताप सिंह ने इन मुद्दों को उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद यदि ग्रामीणों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, तो विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।
गौशाला के निर्माण और संचालन पर सवाल
पंचायत सचिवालय के समीप बनी गौशाला को लेकर गणेश प्रताप सिंह ने निर्माण कार्य की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि गौशाला का निर्माण पूरा हो चुका है या अभी काम बाकी है। साथ ही निर्माण पर खर्च हुई धनराशि, कार्य पूर्ण होने की समयसीमा और संचालन शुरू होने की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।
सामुदायिक शौचालय पर ताला क्यों?
आश्रम के निकट बने सामुदायिक शौचालय का नियमित उपयोग नहीं हो पाने का मुद्दा भी उठाया गया है। गणेश प्रताप सिंह ने सवाल किया कि सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए शौचालय पर ताला क्यों लगा रहता है। उन्होंने संबंधित जिम्मेदारों से इसकी स्थिति स्पष्ट करने और ग्रामीणों को सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
सड़क और पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण
ग्राम पंचायत के विभिन्न मजरों में रास्तों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने सड़कों की मरम्मत और निर्माण कराने की मांग की। वहीं, हर घर जल योजना के तहत घरों के बाहर लगी टोंटियों से पानी नहीं आने की शिकायत करते हुए पेयजल आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उनका कहना है कि योजना का लाभ तभी सार्थक होगा, जब ग्रामीणों को नियमित रूप से पानी मिल सकेगा।
पेंशन के लिए भी समाधान की मांग
वृद्धावस्था पेंशन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उनके मुताबिक, कुछ बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिल रही है, जबकि कई पात्र लोगों की पेंशन स्वीकृत नहीं हुई है। उन्होंने पात्र लाभार्थियों की समस्याओं का निस्तारण कराने की मांग की।
ग्राम पंचायत में उठाए गए इन मुद्दों के बाद अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है कि वे निर्माण कार्यों, सरकारी योजनाओं और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति स्पष्ट करें। हालांकि, इन आरोपों और शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने नहीं आया है।






