ब्यूरो देहरादूनः (नया अध्याय)
महिला सशक्तिकरण के चार सूक्त – शिक्षा, विवेक, ध्यान एवं चुनौती : डॉ.अनिल कुमार दीक्षित प्रोफेसर मायदेवी विश्वविद्यालय देहरादून।
(“विषय विशेषज्ञ व्याख्यान माला का आयोजन”)
मायदेवी विश्वविद्यालय, (देहरादून): में डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन एवं स्कूल ऑफ़ लॉ के सयुक्त तत्वावधान में आयोजित विषय विशेषज्ञ व्याख्यान में बोलते हुए डॉ. अनिल कुमार दीक्षित ने कहा कि महिला सशक्तिकरण हेतु जो चार सूक्त परम् आवश्यक है वो हैँ – शिक्षा, विवेक, ध्यान एवं चुनौती और इसीलिए विद्यालय एवं विश्वविद्यालय की भूमिका अहम हो जाती हैँ।
शिक्षा ही महिला की आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव है। जब एक महिला शिक्षित होती है, तो वह न केवल अपना और अपने परिवार का भविष्य सुधारती है, बल्कि पूरे समाज की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करती है, इतना ही नहीं शिक्षा ही महिला में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान का उदय करती हैँ शिक्षा महिलाओं में सही निर्णय लेने की क्षमता पैदा करती है।
डॉ. अनिल दीक्षित ने कहा कि, पढ़ाई लिखाई और कौशल विकास से महिलाओं को बेहतर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलते हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनती हैं। शिक्षित महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य और बच्चों की बेहतर परवरिश के प्रति अधिक जागरूक होती हैं एवं कुरीतियों जैसे कि, बाल विवाह, दहेज प्रथा और लैंगिक भेदभाव आदि के खिलाफ लड़ने की ताकत रखती है।
भारतीय संविधान द्वारा निर्देशित कानून सदैव स्कूलों और कार्यस्थलों तक महिलाओं की सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करता हैँ इतना ही नहीं भारतीय संविधान महिलाओं को समानता, गरिमा, सुरक्षा और सशक्तिकरण प्रदान करने के लिए कई मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व और विशेष प्रावधान सुनिश्चित करता, भारत के संविधान का अनुच्छेद 14 महिलाओं को विधि के समक्ष समानता और विधियों के समान संरक्षण का अधिकार देता है तथा अनुच्छेद 15 उन्हें समाज में धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव को रोकता है।
संविधान के द्वारा ही, पंचायती राज संस्थाओं और नगर पालिकाओं में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई (1/3) सीटों के आरक्षण की व्यवस्था की गई है, जिससे राजनीतिक स्तर पर उनकी सुरक्षा और भागीदारी मजबूत होती है।
व्याख्यान कि शुरुआत विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर, डॉ. कल्पना विश्नोई द्वारा डॉ.अनिल दीक्षित का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान कर हुई, सहायक प्रोफेसर सुश्री नम्रता सेमवाल ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. दीक्षित का संछिप्त अकादमिक उपलब्धि परिचय प्रदान किया एवं सभी शिक्षकों का व्याख्यान में शामिल होने पर स्वागत किया, व्याख्यान में यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं सहित प्रोफेसर असद अहमद, डॉ. मुकेश कुमार, सुश्री भावना अरोरा, कुमार मयंक, डॉ. प्रमोद आदि शामिल हुए व्याख्यान के अंत में डॉ. मुकेश कुमार ने सभी का आभार अर्पित किया।








