सौजन्यः बीएल भूरा चन्द्र शेखर आजाद नगर भाबरा, मध्यप्रदेश
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड (w) 6395080071
‘‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’’ थीम पर आयोजित हुआ विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर …..
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलीराजपुर के मार्गदर्शन में ‘‘सुरक्षित बचपन अभियान’’ के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास आलीराजपुर में विधिक साक्षरता/जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में श्री जय पाटीदार अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती शक्ति रावत जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा सहभागिता की गई।
ज्ञातव्य है कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली केे द्वारा बच्चों को उनके अधिकारों, व्यक्तिगत एवं आनलाइन सुरक्षा, शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था तथा निःशुल्क विधिक सहायता और बाल-संरक्षण संबंधी सहायता की उपलब्धता के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से ‘‘सुरक्षित बचपन अभियान’’ प्रारंभ किया गया है, जिसके अंतर्गत प्रथम चरण में दिनांक 01.11.2026 से 06.11.2026 तक शैक्षणिक संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में अभियान के अंतर्गत ‘‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’’ थीम पर आधारित विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
उक्त अभियान का शुभारंभ माननीय प्रशासनिक न्यायाधिपति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के अन्य माननीय न्यायाधीशगण की गरिमामयी उपस्थिति में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक, जिला अनूपपुर में किया गया, जिसका सीधा प्रसारण यूट्यूब लिंक के माध्यम से छात्राओं को दिखाया गया।
शिविर में श्री जय पाटीदार द्वारा छात्राओं को पाॅक्सो एक्ट के बारे में बताया कि यह अधिनियम बच्चों को लैंगिक अपराधों, लैंगिक उत्पीडन एवं शोषण से संरक्षण प्रदान करता है। उन्होने छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार अथवा शोषण की स्थिति में बिना भय के अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने तथा आवश्यकता पडने पर विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए पे्ररित किया। उन्होने बताया कि बच्चों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
श्रीमती शक्ति रावत द्वारा छात्राओं को बाल अधिकारों और बाल सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान एवं स्वस्थ वातावरण में विकास करने का अधिकार है। बच्चों को बाल विवाह, बाल श्रम, शारीरिक एवं मानसिक शोषण तथा अन्य प्रकार की हिंसा से बचाना आवश्यक है। उन्होने छात्राओं को किसी भी असुरक्षित परिस्थिति में सतर्क रहने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा आवश्यकता पडने पर संबंधित प्राधिकरण से सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
साथ ही छात्राओं को साइबर क्राइम, चाइल्ड हेल्प लाईन नंबर 1098, नालसा हेल्पलाईन नंबर 15100 आदि के बारे में भी जानकारी दी गई।
शिविर में श्री दिग्विजयसिंह कनेश प्राचार्य, श्री दिनेश श्रीवास्तव मंडल संयोजक (विधि प्रभारी), छात्रावास अधीक्षिका श्रीमती गीता चैहान, पैरालीगल वाॅलेंटियर एवं छात्राएं उपस्थित रही।






