सौजन्यः बीएल भूरा चन्द्र शेखर आजाद नगर भाबरा, मध्यप्रदेश
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड (w) 6395080071
तीन दिवसीय सामुदायिक मध्यस्थता प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ समापन……..
मध्य प्रदेशः राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलीराजपुर की अध्यक्षता में तीन दिवसीय ‘‘सामुदायिक मध्यस्थता प्रषिक्षण कार्यक्रम’’ का दिनांक 02 नवंबर 2026 को ए.डी.आर. भवन आलीराजपुर में समापन हुआ।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में माननीय श्रीमती विधि सक्सेना प्रधान जिला न्यायाधीश/सहायक प्रशिक्षक बुरहानपुर एवं श्री शाहिद मोहम्मद सीनियर प्रशिक्षक जबलपुर ने जिला आलीराजपुर के विभिन्न समाजों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों को सामुदायिक मध्यस्थता के उद्देश्य, महत्व एवं व्यवहारिक प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को समाज में उत्पन्न होने वाले विभिन्न प्रकार के विवादों को आपसी संवाद, समझाइश, सहयोग एवं सहमति के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
समापन के अवसर पर माननीय श्रीमती विधि सक्सेना प्रधान जिला न्यायाधीश/सहायक प्रशिक्षक द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से छोटे-छोटे विवादों का प्रारंभिक स्तर पर ही आपसी सहमति से समाधान करे जिससे विवादों को अनावश्यक रूप से बढ़ने से रोका जा सके।



समापन के अवसर पर माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय, आलीराजपुर ने अपने उद्बोधन में कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता केवल विवादों के समाधान का माध्यम ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सौहार्द एवं पारिवारिक संबंधों को बनाए रखने का भी महत्वपूर्ण साधन है। प्रशिक्षित सामुदायिक प्रतिनिधि अपने-अपने समाज एवं क्षैत्रों में मध्यस्थता की अवधारणा को प्रोत्साहित कर विवादों के शांतिपूर्ण निराकरण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते है।
समापन के अवसर पर श्रीमान् शाहिद मोहम्मद सीनियर प्रशिक्षक जबलपुर द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सामुदायिक मध्यस्थता में निष्पक्षता, धैर्यपूर्वक सुनना एवं दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षित प्रतिनिधि इन गुणों को अपनाकर समाज में विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान एवं शांति स्थापना में प्रभावी भूमिका निभा सकते है।
समापन के अवसर पर प्रशिक्षणार्थीगण द्वारा प्रशिक्षण में प्राप्त अनुभवों को अपने-अपने शब्दों में व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में श्री नंदराम परमार प्रथम जिला न्यायाधीश, श्री आर.पी. सेवेतिया सचिव जि.वि.से.प्रा., श्रीमती ज्योत्सना आर्य मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री जय पाटीदार अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्री अनुरागसिंह सुमन व्यवहार न्यायाधीश, श्री अंशुल चन्द्रा व्यवहार न्यायाधीश, सुश्री आंचल जायसवाल जेएमएफसी, श्रीमती शक्ति रावत जिला विधिक सहायता अधिकारी, श्री राजेश राठौर चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल एवं जिला आलीराजपुर के विभिन्न समाजों के प्रतिष्ठित व्यक्ति प्रमुख उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में श्रीमती शक्ति रावत जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा उपस्थित समस्तों का आभार व्यक्त किया गया।






