संवाददाता छत्तीसगढ़ः सरोज कंसारी
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कार्तिक के पांच पावन पर्वों का महोत्सव आज से शुरू, आज धन तेरस –पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री।
नवापारा राजिम: आज धन तेरस है, परम पावन कार्तिक मास में पड़ने वाली दीपावली पर्व की पंच दिवसीय श्रृंखला की शुरुआत आज से हो रही है,शास्त्री जी ने बताया कि धन तेरस गृहस्थों के बर्तन आदि खरीदने के लिए इस दिन को बड़ा महत्व का माना गया है, विशेषतः चाँदी के बर्तन और गहने, पीतल, ताम्बा, कांसा की धातु के बर्तन खरीदने को शुभ माना गया है, वैसे इस दिन लोग भूमि, भवन, वाहन भी खरीदते हैं और नए व्यापारिक अनुबंध भी करते हैं, शास्त्री जी ने बताया कि आज सूर्योदय द्वादशी तिथि में हुआ है, त्रयोदशी तिथि सुबह 10.30 बजे से लग रही है, किंतु आज धन तेरस मनाने को इसलिए श्रेयस्कर कहा गया है क्योंकि यह त्यौहार मूलतः रात्रि में मनाया जाने वाला त्यौहार है, यह यमराज से सम्बन्ध रखने वाला व्रत पर्व है, सायंकाल घर के बाहर, मुख्य द्वार पर एक पात्र में अन्न रखकर उसके ऊपर यमराज के निमित्त दक्षिण दिशा में दीप पूजन कर दीपदान करना चाहिए, कार्तिक महीने में सूर्योदय पूर्व नदी में स्नान को परम पुण्यदाई माना गया है, जो सायंकाल यमराज को समर्पित दीपदान करता है, उसकी अकाल मृत्यु नहीं होती।
आज धनवंतरी जयंती न मनाए जाने को स्पष्ट करते हुए ज्योतिष भूषण पण्डित ब्रह्मदत्त शास्त्री ने बताया कि धन्वन्तरी भगवान का प्राकट्य त्रयोदशी की उदिया तिथि में हुआ था 7 नवम्बर, शनिवार को सूर्योदय त्रयोदशी तिथि में हो रहा है, आज की तिथि को ही भगवान धन्वन्तरि का प्राकट्य समुद्र मंथन के समय हुआ था और भगवान धनवंतरी संसार के समस्त रोगों की औषधियों को कलश में भरकर प्रकट हुए थे, आज भी आम लोगों के साथ विशेषकर आयुर्वेद के विद्वान तथा वैद्य समाज की ओर से इनकी पूजा की जाती है, शास्त्री जी ने बताया कि हमारे नगर में विगत 48 वर्षों से नगर के लब्धप्रतिष्ठित वैद्य भँवरलाल औषधालय के संचालक डॉक्टर राजेन्द्र गदिया धनवंतरी जयंती सार्वजनिक उत्सव के रूप में समारोह पूर्वक नगरवासियों के साथ मनाते आ रहे हैं, शनिवार को ही काली चौदस और हनुमदजनमोत्सव है, रविवार को महालक्ष्मी का पूजन पर्व दीपवाली है, मंगवार को अन्नकूट और बुधवार को भाई दूज है।






