जिला स्तरीय युवा उत्सव के काव्य लेखन में नियति साहू ‘कायनात’ रहीं अव्वल।

Spread the love

 

संवाददाता छत्तीसगढ़ः सरोज कंसारी       

 

                (नया अध्याय, उत्तराखण्ड)                                             (w) 6395080071

 

 

            जिला स्तरीय युवा उत्सव के काव्य लेखन                            में नियति साहू ‘कायनात’ रहीं अव्वल।

 

कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र कुरूद की छात्रा ने साहित्य के क्षेत्र में बनाई विशिष्ट पहचान, राज्यपाल के हाथों विमोचित हो चुकी है पहली कृति ‘मेरी खामोशी’।

 

          करेली बड़ीः   ग्राम हसदा-01 निवासी शिक्षक नारायण प्रसाद साहू एवं केंवरा देवी की सुपुत्री नियति साहू ‘कायनात’ ने जिला स्तरीय युवा उत्सव की काव्य लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस उपलब्धि पर उन्हें अतिथि एसडीएम कुरूद एवं जिला खेल अधिकारी पीयूष तिवारी, श्रुति डोंगरे जिला युवा अधिकारी, जे पी देव ए एस ओ धमतरी, प्रियंका जाधव, कैलाश ध्रुव, सुरेश साहू, डुमन लाल ध्रुव के हाथों प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न एवं एक हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। नियति की इस सफलता से क्षेत्र सहित साहित्यिक जगत, परिजनों एवं शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। नियति साहू कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कुरूद में बीएससी एग्रीकल्चर तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। कृषि शिक्षा के साथ-साथ साहित्य और काव्य लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। अपनी रचनात्मक प्रतिभा, संवेदनशील भावों और प्रभावशाली शब्द अभिव्यक्ति के माध्यम से उन्होंने साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी साहित्यिक यात्रा की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि उस समय जुड़ी, जब उनकी पहली साहित्यिक कृति ‘मेरी खामोशी’ का विमोचन रायपुर स्थित राजभवन में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका के हाथों संपन्न हुआ। एक युवा साहित्यकार के रूप में राजभवन में उनकी पुस्तक का विमोचन होना उनकी रचनात्मक उपलब्धियों को विशेष पहचान प्रदान करता है। ‘आओ कविता लिखें’ समूह के संस्थापक शायर जितेन्द्र सुकुमार ‘साहिर’ ने बताया कि नियति साहू ‘कायनात’ समूह की वरिष्ठ सदस्य हैं। उनकी छत्तीसगढ़ी कविताओं का प्रसारण आकाशवाणी से भी हो चुका है। इसके अलावा पिछले वर्ष आयोजित संभाग स्तरीय युवा काव्य पाठन प्रतियोगिता में उन्होंने तृतीय स्थान हासिल किया था। साहित्य के क्षेत्र में उनकी सक्रियता और उत्कृष्ट लेखन के लिए उन्हें अनेक सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने नियति की साहित्यिक प्रतिभा, निरंतर अभ्यास और लेखन के प्रति समर्पण की सराहना की। कृषि शिक्षा के साथ साहित्य की दुनिया में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने वाली नियति ने जिला स्तरीय युवा उत्सव में प्रथम स्थान हासिल कर एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा और लगन के बल पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट मुकाम हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कुरूद के अधिष्ठाता डॉ. नवनीत राणा, प्रोफेसर डॉ. अमीनुद्दीन कुरैशी, डॉ.भूमिका हतगिया, डॉ. पीयूष प्रधान,डा लुचिका राणा सहित महाविद्यालय के स्टाफ एवं व्याख्याता सुशील कुमार साहू, किशोर कुमार जांगड़े, बृजेश कुमार देवांगन, अवध राम साहू, हर्षल चंद्राकर तथा साहित्य प्रेमियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।

  • Related Posts

    बालमन को लुभाने वाली मनोरंजक एवं संवेदनशील कविताओं से सजी पठनीय कृति ‘प्रज्ञान’।

    Spread the love

    Spread the love  ✍️  डा. सत्यवान सौरभ                                               …

    पटाखों का धुआँ, मिलावट का जायका और दीपावली का ‘विकास’।

    Spread the love

    Spread the love  संजय सोंधी                                                   …

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    जिला स्तरीय युवा उत्सव के काव्य लेखन में नियति साहू ‘कायनात’ रहीं अव्वल।

    • By User
    • November 8, 2026
    • 2 views
    जिला स्तरीय युवा उत्सव के काव्य लेखन में नियति साहू ‘कायनात’ रहीं अव्वल।

    बालमन को लुभाने वाली मनोरंजक एवं संवेदनशील कविताओं से सजी पठनीय कृति ‘प्रज्ञान’।

    • By User
    • November 8, 2026
    • 9 views
    बालमन को लुभाने वाली मनोरंजक एवं संवेदनशील कविताओं से सजी पठनीय कृति ‘प्रज्ञान’।

    पटाखों का धुआँ, मिलावट का जायका और दीपावली का ‘विकास’।

    • By User
    • November 8, 2026
    • 15 views
    पटाखों का धुआँ, मिलावट का जायका और दीपावली का ‘विकास’।

    प्रभु श्री राम के नाम एक पैगाम

    • By User
    • November 8, 2026
    • 9 views
    प्रभु श्री राम के नाम एक पैगाम

    अब जुमलों के झांसों में नहीं आने वाली उत्तराखंड की जनता 

    • By User
    • November 8, 2026
    • 10 views
    अब जुमलों के झांसों में नहीं आने वाली उत्तराखंड की जनता 

    कुछ यादें, कुछ लम्हें खिड़की पर टाँग रखे हैं,

    • By User
    • November 7, 2026
    • 12 views
    कुछ यादें, कुछ लम्हें  खिड़की पर टाँग रखे हैं,