सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय)
तल्लानागपुर चोपता फलासी में महा बन्याथ।
छठवें दिन उमड़ा आस्था का सैलाब।
‘भावपुष्प’ पुस्तक का हुआ लोकार्पण।



ऊखीमठः तल्लानागपुर क्षेत्र के चोपता फलासी स्थित भगवती चण्डिका की पावन तपस्थली में 25 वर्षों बाद आयोजित महा बन्याथ इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आस्था का विराट केंद्र बना हुआ है। नौ दिवसीय इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पुण्य अर्जित कर रहे हैं। पूरे क्षेत्र में भक्ति रस की अविरल धारा बह रही है और वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय बना हुआ है। महा बन्याथ के छठवें दिन विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वेद मंत्रों और पूजा-अर्चना के बीच श्रद्धालुओं ने भगवती चण्डिका की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ ने इस आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान की। इस अवसर पर फलेश्वरी मां चण्डिका बन्याथ महिमा पर आधारित लेखक दीपक बेजवाल की पुस्तक ‘भावपुष्प’ का विशेष आकर्षण रहा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पुस्तक का लोकार्पण स्वयं भगवती चण्डिका के सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने अत्यंत दिव्य और अलौकिक क्षण के रूप में अनुभव किया। इस दौरान पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। महा बन्याथ में केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने भी सहभागिता करते हुए मां चण्डिका के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने आयोजन की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन क्षेत्र की संस्कृति और परंपराओं को सशक्त बनाते हैं। वहीं वृन्दावन से पधारी प्रख्यात कथावाचक देवी श्वेताम्बरी ने भी बन्याथ में भाग लेकर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिए और कथा प्रवचन के माध्यम से भक्ति का महत्व बताया। महा बन्याथ के दौरान भजन-कीर्तन, यज्ञ, हवन और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा क्षेत्र गूंज रहा है। महिलाओं द्वारा गाए जा रहे पारंपरिक भजनों ने माहौल को और अधिक भावपूर्ण बना दिया है। आयोजन समिति व पंच कोटि गांवों के द्वारा श्रद्धालुओं के लिए भोजन, जल और ठहरने की समुचित व्यवस्था भी की गई है।
तुंगेश्वर मन्दिर समिति अध्यक्ष मानवेन्द्र बर्त्वाल का कहना है कि 25 वर्षों बाद इस तरह का आयोजन होना क्षेत्र के लिए अत्यंत गौरव की बात है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को प्रबल कर रहा है, बल्कि क्षेत्रीय एकता और सांस्कृतिक विरासत को भी सशक्त बना रहा है। समिति कोषाध्यक्ष यशवन्त सिंह नेगी ने बताया कि आयोजन के आगामी दिनों में और भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। महा बन्याथ अब पूरे तल्लानागपुर क्षेत्र में आस्था और उत्साह का प्रमुख केंद्र बन चुका है। महा बन्याथ के छठवें दिन मां चण्डिका दिवारा समिति दशज्यूला के अध्यक्ष धीर सिंह बिष्ट के नेतृत्व में समिति के पदाधिकारियों के ११ सदस्यीय दल ने फलासी पहुंच कर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किये। इस मौके पर प्रबंधक कल्याण सिंह नेगी, उपाध्यक्ष दलवीर राणा, सचिव पूर्ण सिंह खत्री, पण्डित जगदम्बा प्रसाद बेजवाल, त्रिलोचन भट्ट, जिला पंचायत सदस्य जयवर्धन काण्डपाल, गम्भीर बिष्ट, सम्पन्न नेगी, राज्य महिला आयोग सदस्य दर्शनी पंवार, भाजपा चोपता मण्डल अध्यक्ष अर्जुन नेगी, महामंत्री दीपक नेगी, भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन जमलोकी शंकर नेगी, पदमेन्द्र रावत, हीरा सिंह नेगी, राय सिंह रावत, चन्द्र वीर सिंह नेगी, राज दर्शन नेगी, गोपाल सिंह बासकण्डी, मातवर सिंह नेगी, यशवीर खत्री, नरेन्द्र सिंह रावत, मकर सिंह नेगी, मोहित कठैत सहित मन्दिर समिति पदाधिकारी व हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।









