सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, देहरादून)
कौल्लू बैण्ड – स्वारी ग्वास मोटर मार्ग की बदहाली पर भड़का जनाक्रोश।
60 प्रतिशत गढ्ढे भरने के बाद कार्यदाई संस्था गायब, विभागीय चुप्पी से जनता नाराज।
ऊखीमठ: लोक निर्माण विभाग रूद्रप्रयाग डिवीजन के अंतर्गत आने वाले कौल्लू बैण्ड – स्वारी ग्वास मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रीय जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि सड़क पर बने गढ्ढों को भरने का कार्य शुरू करने के बाद कार्यदाई संस्था लगभग 40 प्रतिशत कार्य अधूरा छोड़कर रफूचक्कर हो गई, लेकिन इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं किये जाने से ग्रामीणों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से यह मोटर मार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है, जिससे आवाजाही करने वाले वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बने गहरे गढ्ढों के कारण आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग द्वारा सड़क सुधारीकरण और गढ्ढा भरान कार्य के लिए कार्यदाई संस्था को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन संस्था ने केवल कुछ हिस्सों में खानापूर्ति कर कार्य बंद कर दिया। पूर्व प्रधान महेन्द्र नेगी ने आरोप लगाया कि कार्यदाई संस्था के गायब होने के बावजूद लोक निर्माण विभाग पूरी तरह मौन बना हुआ है। विभागीय अधिकारियों द्वारा न तो कार्य की समीक्षा की जा रही है और न ही संस्था के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। इससे जनता में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर भारी नाराजगी व्याप्त है। प्रधान कविता नेगी का कहना है कि यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां से प्रतिदिन स्कूली बच्चे, मरीज, कर्मचारी और ग्रामीण आवागमन करते हैं। बरसात से पूर्व सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो गई है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सड़क का अधूरा कार्य पूरा नहीं कराया गया तो जनता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी। ग्रामीण दीपक नेगी, बीरेंद्र सिंह नेगी ने भी मामले में हस्तक्षेप करते हुए विभाग से तत्काल सड़क मरम्मत कार्य पूरा कराने तथा लापरवाही बरतने वाली कार्यदाई संस्था के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग के उच्चाधिकारियों से मामले का संज्ञान लेते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है। साथ ही चेताया कि यदि अधूरा कार्य शीघ्र शुरू नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन – प्रशासन व लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की होगी।






