चौपाइयाँ (तिरंगा)

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डॉ0 हरि नाथ मिश्र

(पूर्व विभागाध्यक्ष-अंग्रेजी)

का0 सु0 साकेत स्नातकोत्तर महाविद्यालय,

अयोध्या, (उ0प्र0)

 

 

             (नया अध्याय, देहरादून)

 

 

         चौपाइयाँ (तिरंगा)

 

रहा गगन को चूम तिरंगा।

एक रंग में सबको रंगा।।

बड़ी शान से यह लहराए।

अरि-दल लख इसको घबराए।।

 

भारत की है शान तिरंगा।

शुचिता इसकी है जल गंगा।।

यह उमंग भर देता मन में।

शक्ति-संचरण करता तन में।।

 

घर-घर फहरे आज तिरंगा।

हर जन लगता पुलकित-चंगा।।

राष्ट्र-मान-सम्मान तिरंगा।

तीनों रंग त्रिदेव-प्रसंगा।।

 

आओ, मिल इसको फहराएँ।

आज़ादी का जश्न मनाएँ।।

चारो-ओर तिरंगा फहरे।

रंग तिरंगा जग भर लहरे।।

          

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