लेखक : हरी राम यादव
सूबेदार मेजर (आनरेरी)
अयोध्या, उत्तरप्रदेश

(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
जो लौट के घर न आए…
लांस नायक राम दुलार यादव, सेना मेडल (मरणोपरांत)
आपरेशन विजय आधिकारिक रूप से 26 जुलाई 1999 को समाप्त हो गया था। इसके पश्चात सैन्य टुकड़ियों ने कुछ राहत की सांस ली, लेकिन नियंत्रण रेखा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। पाकिस्तान हार से खिसियाया हुआ नियंत्रण रेखा पर कुछ ना कुछ उकसावे की कार्यवाही करता ही रहता था। आपरेशन विजय के बाद 13 कुमाऊं रेजिमेंट सब सेक्टर हनीफ में तैनात थी। सीमा पार से बिना उकसावे की फायरिंग का सामना करने के अलावा इस यूनिट की जिम्मेदारी का इलाका सक्रिय आतंकवाद से प्रभावित था। जिसके कारण 13 कुमाऊं रेजिमेंट के सैनिकों को हर समय उच्च सतर्कता बरतनी पड़ती थी। विभिन्न चौकियों की निगरानी के अलावा क्षेत्र की निरंतर सशस्त्र गश्त के माध्यम से निगरानी की जा रही थी। 21 अगस्त 1999 को पाकिस्तानी सेना की ओर से सीजफायर का उल्लंघन किया गया और सीमा पर बेवजह फायरिंग की गई।
संभवतः दुश्मन की यह गोलीबारी सीमा पार से घुसपैठियों को घुसपैठ करवाने के लिए सुरक्षा प्रदान करने के प्रयास के रूप में की गयी। उस दिन लांस नायक राम दुलार और उनके साथी क्षेत्र में अग्रिम चौकियों पर तैनात थे। हमारी सेना के जवान पाकिस्तानी सेना द्वारा की जा रही गोलीबारी का मुंह तोड़ जबाब दे रहे थे। इसी गोलीबारी के दौरान लांस नायक राम दुलार दुश्मन के गोले के स्प्लिंडर से घायल हो गए और गहरी घावों के कारण वह वीरगति को प्राप्त हो गए। लांस नायक राम दुलार एक साहसी सैनिक थे जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए 25 वर्ष की उम्र में अपने प्राणों का बलिदान दिया। लांस नायक राम दुलार को 26 जनवरी 2000 को उनके सराहनीय साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण और सर्वोच्च बलिदान के लिए ‘सेना मेडल’ से अलंकृत किया गया।
लांस नायक राम दुलार यादव का जन्म 01 जुलाई 1974 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद तहसील के गांव पडैनिया में श्रीमती सुरजी देवी श्री राम नगीना यादव के यहाँ हुआ था। अपनी स्कूल शिक्षा पूरी करने के पश्चात वह 04 जुलाई 1992 को भारतीय सेना की कुमायूं रेजिमेंट में भर्ती हो गए। कुमायूं रेजिमेंट रानीखेत से प्रशिक्षण पूरा करने के पश्चात उन्हें 13 कुमाऊं रेजिमेंट में तैनात किया गया। लांस नायक रामदुलार कुल पांच भाई थे और यह चौथे नंबर के भाई थे। उनका विवाह सुश्री प्रमिला यादव से हुआ था।
1999 में जब लांस नायक राम दुलार यादव वीरगति को प्राप्त हुए उस समय उनकी बेटी प्रियंका यादव 5 साल की और बेटा अमित कुमार यादव डेढ़ साल का था। लांस नायक राम दुलार यादव के साहस, वीरता और बलिदान की याद में उनके परिजनों द्वारा एक प्रतिमा का निर्माण करवाया गया है।






