सम्पादक रुद्रप्रयागः लक्ष्मण सिंह नेगी
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
पीएचसी उच्चीकरण की मांग को लेकर 24वें दिन
भी धरना जारी।
मुख्य बाजार में जन आक्रोश रैली निकाल
प्रदेश सरकार का पुतला फूंका।
मातृशक्ति ने दिखाई एकजुटता।
80 वर्षीय छोटी देवी भी धरने पर बैठीं।
ऊखीमठः प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 24वें दिन भी जारी रहा। शासन-प्रशासन की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिए जाने से आंदोलनकारियों में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। आंदोलन के 24वें दिन गैस एजेंसी – मुख्य बाजार – शहीद अशौक कैशिव स्मारक – धरना स्थल तक जन आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें ऊखीमठ क्षेत्र के साथ ही तुंगनाथ घाटी और मदमहेश्वर घाटी की मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। रैली के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए मुख्य बाजार में सरकार का पुतला दहन किया गया।
जन आक्रोश रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुब्जा धर्म्वाण ने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों तथा दूरस्थ गांवों को देखते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण अब क्षेत्र की सबसे जरूरी मांग बन चुकी है। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों, महिलाओं, बुजुर्गों और आपातकालीन स्थिति में मरीजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। इसके बावजूद लंबे समय से उठाई जा रही मांग पर शासन स्तर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्रवासियों में रोष है।
स्वाभिमान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष त्रिभुवन चौहान ने सरकार से अविलंब प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उच्चीकरण का शासनादेश जारी करने की मांग की। पूर्व जिला पंचायत सदस्य बीर सिंह बुडेरा ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा के लिए क्षेत्रवासियों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
आंदोलन की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 80 वर्षीय छोटी देवी भी धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुईं। उम्र के इस पड़ाव पर भी स्वास्थ्य केन्द्र के उच्चीकरण की मांग को लेकर धरने पर बैठी छोटी देवी ने क्षेत्र की मातृशक्ति और ग्रामीणों के संघर्ष को मजबूती प्रदान की। उनके धरने पर बैठने से आंदोलनकारियों में नया उत्साह देखने को मिला।
पूर्व प्रमुख जय नारायण नौटियाल, लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, राजाराम सेमवाल, अंकुर रौथाण आनन्द सिंह रावत ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उच्चीकरण केवल ऊखीमठ नगर की मांग नहीं है, बल्कि यह ऊखीमठ, तुंगनाथ घाटी और मदमहेश्वर घाटी सहित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों की जीवन सुरक्षा से जुड़ा विषय है। क्षेत्र में पर्यटन एवं तीर्थाटन का लगातार विस्तार हो रहा है, ऐसे में स्थानीय जनता के साथ तीर्थ यात्रियों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता है।
धरना स्थल पर संघर्ष समिति अध्यक्ष राजीव भट्ट ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर उच्चीकरण का शासनादेश जारी नहीं किया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। सभासद सरला रावत ने कहा कि मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।



इस अवसर पर विभिन्न गांवों से पहुंचे ग्रामीणों, मातृशक्ति, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की। 24वें दिन आयोजित जन आक्रोश रैली ने स्पष्ट कर दिया कि पीएचसी उच्चीकरण का मुद्दा अब व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य विनोद राणा, गणेश तिवारी, आलोक बगवाडी, अवतार नेगी, सन्तोष त्रिवेदी, मदन रावत, प्रधान सरिता देवी, सोनिया पंवार, मीनाक्षी देवी, नीमा देवी, सुलेखा देवी, प्रदीप धर्म्वाण, जगत सिंह पंवार, शिव सिंह रावत, कुलदीप रावत, प्रताप धर्म्वाण, भूपेन्द्र राणा, राजेन्द्र धर्म्वाण, सन्तोष शैव, दौलत पंवार, कर्मवीर कुंवर, बलवन्त रावत, दलवीर रावत, शौरभ भट्ट, रविन्द्र रावत, प्रदीप बजवाल बजवाल, पवन राणा सहित विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।





