मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश चन्द्र भट्ट
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान
लक्ष्मी भंडार में रामलीला का मंचन।
अल्मोड़ाः नगर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब की रामलीला के तीसरे दिन मंथरा-कैकेयी संवाद, दशरथ-कैकेयी संवाद, राम-लक्ष्मण संवाद, राम-लक्ष्मण-सीता संवाद, राम-कौशल्या संवाद तथा लक्ष्मण-सुमित्रा संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, संवाद अदायगी और भावाभिव्यक्ति से उपस्थित दर्शकों को रामायण के महत्वपूर्ण प्रसंगों से रूबरू कराया।
रामलीला के दौरान मंथरा और कैकेयी के संवाद में मंथरा की कुटिलता तथा कैकेयी के मन में उत्पन्न हुए संशय को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। दशरथ-कैकेयी संवाद में राजा दशरथ की विवशता और पुत्र वियोग की आशंका ने दर्शकों को भावुक कर दिया। वहीं, भगवान राम का माता-पिता के वचनों के प्रति समर्पण, लक्ष्मण का भ्रातृप्रेम तथा माता सीता का श्रीराम के प्रति अटूट साथ निभाने का संकल्प दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा।राम-कौशल्या संवाद में माता कौशल्या की ममता और पुत्र के वनगमन की पीड़ा को मार्मिक रूप से दर्शाया गया। वहीं, लक्ष्मण-सुमित्रा संवाद में माता सुमित्रा द्वारा लक्ष्मण को श्रीराम की सेवा एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाले प्रसंग ने रामलीला के भावनात्मक पक्ष को और गहराई प्रदान की।
इन प्रसंगों के माध्यम से कलाकारों ने त्याग, मर्यादा, कर्तव्य, पारिवारिक संबंधों और धर्म के प्रति समर्पण का संदेश दिया। रामलीला देखने पहुंचे दर्शकों ने कलाकारों के अभिनय की सराहना करते हुए अल्मोड़ा की इस प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा को संरक्षित रखने के प्रयासों की प्रशंसा की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. संतोष बिष्ट उपस्थित रहे। उनके साथ नामित पार्षद कैलाश गुरुरानी, नामित पार्षद बीना नयाल, पार्षद नेहा टम्टा तथा पार्षद मीना भैसोडा ने भी रामलीला में प्रतिभाग कर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
श्री लक्ष्मी भंडार हुक्का क्लब के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्था वर्षों से रामलीला की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अल्मोड़ा की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है।
रामलीला के पश्चात प्रतिदिन की भाँति दर्शकों के लिए लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 भाग्यशाली विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। संस्था की ओर से नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रामलीला में पहुंचकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करने तथा इस ऐतिहासिक सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग देने की अपील की गई।

इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष धरनीधर पांडे, सचिव विनीत बिष्ट, पूर्व सभासद एवं रामलीला संयोजक राजेंद्र तिवारी, त्रिभुवन गिरी, हर्षवर्धन वर्मा सहित संस्था के पदाधिकारी, सदस्य एवं अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।








