सौजन्यः बीएल भूरा चन्द्र शेखर आजाद नगर भाबरा, मध्यप्रदेश
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड (w) 6395080071
सामुदायिक मध्यस्थता प्रषिक्षण कार्यक्रम जारी……..
मध्य प्रदेशः राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलीराजपुर की अध्यक्षता में तीन दिवसीय ‘‘सामुदायिक मध्यस्थता प्रषिक्षण कार्यक्रम’’ का आयोजन ए.डी.आर. भवन आलीराजपुर में किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस में प्रशिक्षणार्थियों को मध्यस्थता प्रक्रिया, नेगोशिएशन, पारिवारिक विवाद, संघर्ष के मनोवैज्ञानिक पहलूओं, बारगेनिंग विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में माननीय श्रीमती विधि सक्सेना प्रधान जिला न्यायाधीश/सहायक प्रशिक्षक महोदय द्वारा प्रशिक्षण में मध्यस्थता प्रक्रिया, नेगोशिएशन, पारिवारिक विवाद के बारे बताया कि मध्यस्थता विवादों के समाधान की एक प्रभावी एवं स्वैच्छिक प्रक्रिया है, जिसमें निष्पक्ष मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर उन्हें आपसी सहमति से समाधा नतक पहुंचने में सहयोग प्रदान करता है। उन्होने बताया कि मध्यस्थता में दोनों पक्षों की बातों को धैर्यपूर्वक सुनना, उनकी समस्याओं एवं भावनाओं को समझना, विवाद के मूल कारणों की पहचान करना तथा पक्षकारों के हितो को ध्यान में रखते हुए समाधान के विकल्प तलाशना अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से पारिवारिक विवादों में संवेदनशीलता, गोपनीयता, निष्पक्षता एवं आपसी विश्वास बनाए रखना आवश्यक है, ताकि परिवारों के मध्य संबंधों को सुरक्षित रखते हुए विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सके।



साथ ही श्रीमान् शाहिद मोहम्मद सीनियर प्रशिक्षक महोदय द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को बारगेनिंग, संघर्ष के मनोवैज्ञानिक पहलूओं के विषय में प्रशिक्षण प्रदान करते हुए बताया कि विवाद की स्थिति में व्यक्तियों की भावनाएं, सोच, व्यवहार एवं पूर्व अनुभव उनके निर्णयों को प्रभावित करते है। ऐसे में मध्यस्थ के लिए आवश्यक है कि वह पक्षकारों की भावनाओं को समझते हुए धैर्य, निष्पक्षता एवं प्रभावी संवाद के माध्यम से विवाद को सुलझाने का प्रयास करें।






