ब्यूरो कुमाऊंः दयानन्द कठैत अल्मोड़ा।
बागेश्वर के जन औषधि केन्द्र में पिछले आठ महीने से लटका है ताला।
बाहर से महंगी दवाएं खरीदने को मजबूर हो रही है आम जनता।
बागेश्वर-प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र का उद्देश्य जनता को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन जिला अस्पताल में स्थापित जन औषधि केन्द्र पिछले आठ महीनों से बंद पड़ा है। मरीजों को महंगे दामों में निजी मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं।
जिले के अन्य अस्पतालों की अपेक्षा बेहतर जांच सेवा और विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता के कारण अधिकांश लोग स्वास्थ सुविधाओं के लिए जिला अस्पताल पर निर्भर रहते हैं।दूर दराज क्षेत्रों के सहित समीपवर्ती जिलों से भी भी इलाज के लिए जिला अस्पताल आते हैं।
जांच के बाद दवाई खरीदने के लिए लोगों को जन औषधि केन्द्र की सेवा नहीं मिल पा रही है।
जिला अस्पताल परिसर में सस्ती जेनेरिक दवा उपलब्ध कराने के लिए निर्मित जन औषधि केन्द्र में दिसंबर माह से ताला लटका हुआ है।
वर्ष 2019में जन औषधि केन्द्र खोला गया था लेकिन खुलने के बाद से केन्द्र के संचालन की समस्या सामने आने लगी। केन्द्र के संचालक दो बार बदल गए, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। अंततः केन्द्र में ताला लटका दिया है।
बागेश्वर के जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने बताया कि जिला अस्पताल में किए गए निरीक्षण के दौरान सीएमओ और अस्पताल प्रशासन को एक हफ्ते के भीतर जन औषधि केन्द्र को पुनः संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। मरीजों को शीघ्र ही जन औषधि केन्द्र पर सस्ती दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी।








