ब्यूरो गोंडाः सियाराम पाण्डेय।
राजा परीक्षित की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु।
गोंडा विकास खंड वजीरगंज के बाल्हाराई में राज कुमार मिश्र के यहां चल रही श्रीमद् भागवत कथा में परीक्षित संवाद का वर्णन किया गया। कथा व्यास आचार्य प0विजय कुमार शास्त्री ने राजा परीक्षित को मिले मुनि से श्राप और फिर श्राप से मुक्ति के लिए उनके भाई शुकदेव से मिलने की कथा सुनाई। कथा वाचक ने कहा कि कथा से व्यथा दूर होती है। प्रसंग को विस्तार देते हुए कहा कि सात दिन बाद होने वाली मृत्यु के श्राप से राजा परीक्षित¨चतित हो उठे। संत विद्वान शुकदेव से वह मिलने जा पहुंचे। जिस पर शुकदेव ने उन्हें भागवत कथा का श्रवण करने की सलाह दी।
उन्होंने परीक्षित से कहा कि वह दुनिया से विरक्त होकर अपना मन और ध्यान भक्ति में लगाएं तभी उनका कल्याण हो सकता है। विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने राजा परीक्षित को समझाया। कथा के मध्य में कथावाचक ने मधुर भजन भी सुनाए। जिसे सुनकर भक्तगण आनंदित हो उठे।कथा श्रवण में रामयज्ञ मिश्र, राम रंग पांडेय, शेर बहादुर सिंह, स्वामी दयाल मिश्र, वीरेंद्र कुमार मिश्र, प0 विजय कुमार,सहित श्रोता मौजूद रहे।







