युगपुरुष कविवर सूर्य
आध्यात्मिक विचारक-दार्शनिक-मानवतावादी
(भारतीय संस्कृति एवं सामाजिक समानता के संरक्षक)
(नया अध्याय, देहरादून)
सहज हो जा
(बहना सीख — दार्शनिक काव्य)
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मत लड़ मन से,
वह दुश्मन नहीं।
समझ, थाम, साथ चल।
विरोध नहीं, सहयोग भर।
ज़ोर नहीं, सहजता चुन।
यही साधना का द्वार है।






