मंजू अशोक राजाभोज
भंडारा (महाराष्ट्र)
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w) 6395080071
“शरद पूर्णिमा”
शरद पूर्णिमा की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
क्यों न इसे हम घर-घर मनाएं।
ताकि परिवार में सभी को समझे इसकी मान्यताएं।
आओ जाने क्या है आखिर शरद पूर्णिमा।
यह पूर्णिमा कहलाती हर साल आश्विन मास की पूर्णिमा।
आखिर इस दिन में ऐसा क्या है राज छिपा।
भगवान श्रीकृष्ण,
चंद्रमा की सभी सोलह कलाओं से युक्त थे।
है ऐसी मान्यता।
इस दिन चाँद की किरणों में,
चमत्कार ही चमत्कार रहता छिपा।
इस दिन दिखाता चाँद अपनी सोलह कला।
पुरानी है इस दिन की एक यह भी मान्यता।
इस दिन खीर चाँद के प्रकाश में जरूर रखना।
और वह प्रसाद सब मिल बाँट कर खाना।
ताकि मिले तुम्हें अमृत का खजाना।।






