बीएल भूरा चन्द्र शेखर आजाद नगर भाबरा, मध्यप्रदेश
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड (w) 6395080071
आस्था और परम्परा – पटेलिया पहचान
ढोलकी की थाप पे नाचता,
मेरा आदिवासी गाँव बड़ा खुटाजा
माटी से जुड़ा है जिसका, हर एक ठाँव।
बड़वा का शब्द है वेदों सा पावन,
भगत की भक्ति में झूमे सारा शरद पूर्णिमा।
हलमा में है ताकत, गाँव की एकता की पहचान,
एक पुकार पर दौड़े, ये है हमारा अभिमान।
गल बापसी, शादी का पावन त्यौहार,
ढोल-ढोलकी बजे, खुशियों की बहार।
आम के पत्तों का तोरण, बांस मांडवो की है शान,
प्रकृति को पूजे, ये है हमारा भगवान।
तिरछा तिलक माथे पर, गर्व की है निशानी,
पटेलिया है योद्धा, ये कहती है पुरखों की कहानी।
न कोई ऊँच न नीच, सब हैं एक समान,
आस्था और परम्परा ही, हमारी असली पहचान।।
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