राजेन्द्र रंजन गायकवाड (सेवा निवृत जेल अधीक्षक) बिलासपुर, छत्तीसगढ़
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड) (w)6395080071
कोई एहसान नहीं, फर्ज का तकाजा है,
हैं आदमी तो, आदमी के काम आऐंगे।
मुशीबत की घड़ी में, जो साथ आयेंगे,
वो ही सच्चे दोस्त, दिल को बहलाएंगे।
नफ़रत की दीवारें,जब गिरेंगी एक दिन,
प्यार के फूलों से, बाग आबाद हो जाएंगे।
कोई गिरे तो, हाथ बढ़ाने वाले आते नहीं,
वो इंसानियत के, पैगाम कैसे अपनाएंगे।
हम सब एक हैं, यही सच है जिंन्दगी का,
फर्ज अदा करो, मिलके गीत गुनगुनाएंगे।






