मीडिया प्रभारीः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय)
पलायन रोकने को अल्मोड़ा में मजबूत पहल, 78 गांवों में सृजित हो रहे रोजगार के अवसर।
अल्मोड़ा: जनपद अल्मोड़ा में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (एमपीआरवाई) के अंतर्गत पलायन प्रभावित गांवों में आजीविका सृजन एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
परियोजना निदेशक डीआरडीए के एन तिवारी ने बताया कि वर्ष 2020-21 से संचालित इस योजना के अंतर्गत राज्य पलायन निवारण आयोग द्वारा जनपद के 08 विकासखण्डों के 78 राजस्व ग्रामों को चिन्हित किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा इन ग्रामों में विशेष विकास कार्य कराए जा रहे हैं। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को उनके गांव में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर पलायन की प्रवृत्ति को कम करना है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत स्थानीय संसाधनों पर आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत पॉलीहाउस एवं मशरूम उत्पादन, बकरी एवं मुर्गी पालन, डेयरी विकास, आजीविका केंद्रों की स्थापना, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सौर लाइट, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, खेल मैदान निर्माण, पुस्तकालय स्थापना, ईको पार्क, जैविक खेती, सब्जी क्लस्टर विकास एवं जड़ी-बूटी संवर्धन जैसे कार्य किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ीकरण एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 से वित्तीय वर्ष 2025-26 तक राज्य सरकार द्वारा जनपद को पलायन प्रभावित क्षेत्रों में विकास एवं आजीविका संवर्धन कार्यों हेतु कुल 862 लाख रुपए प्राप्त हुए तथा 117 कार्यों का लक्ष्य रखा गया था। वर्तमान तक 727 लाख रुपए का व्यय किया जा चुका है तथा 111 कार्य पूर्ण किए गए।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है, जिससे पलायन पर अंकुश लगाने में मदद मिल रही है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूर्ण करना सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।
मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026–27 हेतु जनपद अल्मोड़ा की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन एवं आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा कुल 19 योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
ग्रामीण विकास, कृषि एवं लघु सिंचाई विभाग द्वारा चयनित विकास खंडों में कृषि, सिंचाई, प्रसंस्करण इकाइयों, ड्रिप इरिगेशन, जल संरक्षण, पशुपालन एवं स्वरोजगार से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।
इन प्रस्तावित योजनाओं के लिए कुल ₹193.28 लाख की धनराशि निर्धारित की गई है। योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा पलायन की प्रवृत्ति को रोकने में मदद मिलेगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिकतम लाभ स्थानीय निवासियों को प्राप्त हो सके।









