संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.):दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
सड़क किनारे कूड़ा मिला तो जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई, कोल्ड स्टोरेज नवीनीकरण से पहले लेनी होगी एनओसी।
कन्नौजः पर्यावरण संरक्षण और गंगा स्वच्छता शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह बात जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति और जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक में कही।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण, गंगा स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, सीवरेज प्रबंधन, जैव विविधता और आर्द्रभूमि संरक्षण सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस पर किए गए पौधरोपण की जियो टैगिंग तत्काल पूरी कराने को कहा। स्पष्ट किया कि जियो टैगिंग में त्रुटिपूर्ण या भ्रामक डाटा स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रत्येक पौधे की वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराने के साथ सभी विभागों को अभिलेख व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए।
कोल्ड स्टोरेज के नवीनीकरण से पहले एनओसी जरूरी
डीएम ने कहा कि भविष्य में कोल्ड स्टोरेज के नवीनीकरण से पहले वन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा। सड़े आलू या अन्य अपशिष्ट सार्वजनिक मार्गों पर फेंकने वाले कोल्ड स्टोरेज संचालकों के खिलाफ फोटोग्राफिक साक्ष्य जुटाकर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। जरूरत पड़ने पर उनके नवीनीकरण पर रोक लगाने की कार्रवाई भी की जाए।
सड़क किनारे कूड़ा मिला तो लगेगा जुर्माना
नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि कूड़ा केवल अधिकृत डंपिंग ग्राउंड में ही डाला जाए। सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा किसी भी स्थिति में दिखाई नहीं देना चाहिए। अधिशासी अधिकारी रोज सुबह नगर में भ्रमण कर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करें। सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना भी लगाया जाए।
डीएम ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने और नगर निकायों में कार्यशालाएं आयोजित कर जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
एक नगर-एक सरोवर अभियान की समीक्षा
बैठक में एक नगर-एक सरोवर अभियान की भी समीक्षा की गई। डीएम ने चयनित तालाबों की वर्तमान स्थिति के फोटोग्राफ अगली बैठक में प्रस्तुत करने, उनकी समयबद्ध पैमाइश और सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तालाबों को जनपद की पर्यावरणीय धरोहर के रूप में विकसित किया जाए।
15 अगस्त को वंदे मातरम् वाटिका, 28 को भाई-बहन वाटिका
आगामी वृक्षारोपण अभियानों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए डीएम ने 15 अगस्त को वंदे मातरम् वाटिका, 28 अगस्त को भाई-बहन वाटिका और पांच सितंबर को एक पेड़ गुरु के नाम अभियान के लिए उपयुक्त स्थलों का तत्काल चयन करने के निर्देश दिए। पौधों की प्रजाति और संख्या के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। जिला विद्यालय निरीक्षक को विद्यालयों में पौधरोपण के लिए उपयुक्त परिसरों का चयन करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों की साझा जिम्मेदारी है। आपसी समन्वय से जनपद को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएं। पॉलीथिन उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के साथ इसमें अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास, प्रभागीय वनाधिकारी हेमंत सेठ, डीसी मनरेगा दिनेश यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।







