संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.):दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
आलू उत्पादन से लेकर निर्यात तक आधुनिक तकनीकों की दी जानकारी।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए गुणवत्ता, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर जोर।
कन्नौजः जनपद के आलू उत्पादकों, एफपीओ और निर्यातकों को आधुनिक तकनीकों, प्रसंस्करण, भंडारण एवं निर्यात की जानकारी देने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में किसानों को आलू उत्पादन से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने क्षमता संवर्धन एवं आलू निर्यात विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि में आधुनिक तकनीकों, प्रसंस्करण और निर्यात को बढ़ावा देकर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने किसानों से गुणवत्ता आधारित उत्पादन और मूल्य संवर्धन को अपनाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने निर्यात मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण आलू उत्पादन, वैज्ञानिक प्रसंस्करण, सुरक्षित भंडारण और बेहतर विपणन की नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी। जिला उद्यान अधिकारी ने कन्नौज में आलू उत्पादन और निर्यात की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए गुणवत्ता आधारित खेती अपनाने के लिए किसानों को प्रेरित किया।
एपीडा के विशेषज्ञों ने अंतरराष्ट्रीय निर्यात मानकों के साथ आईईसी (IEC) और आरसीएमसी (RCMC) पंजीकरण की प्रक्रिया तथा निर्यात से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताओं के बारे में बताया। पीएस कोल्ड स्टोरेज के प्रतिनिधि ने आलू के सुरक्षित भंडारण और निर्यात की संभावनाओं पर सुझाव दिए। वहीं एसओ प्रतीक फार्म प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधि ने आलू से चिप्स, स्टार्च, फ्लेक्स और आलू पाउडर जैसे मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने की तकनीक बताई।
प्रगतिशील कृषक राम लखन पाण्डेय और एफपीओ उद्यमी एसपी सिंह ने अपने अनुभव साझा किए। कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी के वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार ने तकनीकी जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अरविंद कुमार ने किया। अंत में एपीडा प्रतिनिधि उदय नारायण त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों का आभार जताया।







