संवाददाता कन्नौज (उ. प्र.):दीप सिंह
(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
बाजार की मांग वाली फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर।
कन्नौजः कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में गुरुवार को एकीकृत बागवानी विकास मिशन, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना, पर ड्रॉप मोर क्रॉप माइक्रो इरीगेशन, अनुसूचित जाति/जनजाति कृषकों के लिए औद्यानिक विकास योजना तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) की वर्ष 2026-27 की जनपद स्तरीय समितियों की बैठक हुई। मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र कुमार श्रीवास की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजनाओं की प्रगति और वार्षिक कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाजार में अच्छी मांग वाले फल, फूल, मसाला और शाकभाजी फसलों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाए, ताकि किसानों को उपज का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को व्यापक स्तर पर अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जल, श्रम और ऊर्जा की बचत के साथ उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा बढ़ेगी।
उन्होंने पीएमएफएमई योजना के तहत कोदो, सांवा, बाजरा सहित अन्य मोटे अनाज आधारित प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। साथ ही किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और जैविक खेती के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
बैठक में उप कृषि निदेशक ने किसानों से फसल अवशेष न जलाकर खेत में ही सड़ाकर जैविक खाद बनाने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करने की अपील की। कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी के वैज्ञानिक डॉ. अरविन्द कुमार ने रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के संतुलित प्रयोग तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के सुझाव दिए।
प्रगतिशील किसान राम लखन पाण्डेय, एफपीओ प्रतिनिधि उदय नारायण त्रिपाठी और पीएमएफएमई उद्यमी एसपी सिंह ने भी योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।







