मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय, देहरादून)
बिरूड़ पंचमी के साथ शुरू हुआ कुमाऊं का लोकपर्व सातों-आठों।
अल्मोड़ा: कुमाऊं का पारंपरिक लोकपर्व सातों-आठों आज बिरूड़ पंचमी के साथ शुरू हो गया। पर्व के शुभारंभ पर अल्मोड़ा के दुगालखोला मोहल्ले में चन्द्रमणि भट्ट के आवास पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गौरा, महेश्वर और गणेश की प्रतिमाएं तैयार की गईं।
इस अवसर पर स्थानीय परंपरा के अनुसार कचकूड़ी-माकुड़ी के विशेष तनों से देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का निर्माण किया गया। महिलाओं ने पारंपरिक विधि-विधान और श्रद्धा के साथ प्रतिमाओं को आकार दिया।
सातों-आठों पर्व कुमाऊं की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक मान्यताओं और पारिवारिक-सामाजिक एकजुटता का प्रतीक माना जाता है। बिरूड़ पंचमी से शुरू होने वाले इस पर्व में गौरा-महेश्वर की पूजा-अर्चना की जाती है और घर-परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
दुगालखोला में आयोजित इस पारंपरिक आयोजन ने कुमाऊं की लोक संस्कृति और पुरानी परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की। स्थानीय लोगों ने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों को निरंतर आगे बढ़ाना आवश्यक है।
इस अवसर पर तारा भट्ट,कमला भट्ट गीता पोखरिया कमला भट्ट हेमा पाण्डेय भगवती गुर्रानी सहित बडी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

