मीडिया प्रभारी अल्मोडा़ः दिनेश भट्ट
(नया अध्याय, देहरादून)
सरकारी जमीनो को कौड़ियों के भाव लीज पर देकर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही भाजपा सरकार।
–भूपेंद्र सिंह भोज
अल्मोड़ाः उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों की बहुमूल्य भूमि एवं संपत्तियों को लीज पर देने और पीपीपी मोड के नाम पर निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि सरकार की नीतियों से स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि भाजपा सरकार प्रदेश की बहुमूल्य सरकारी संपत्तियों को अपने चहेतों के हित में इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है।
भोज ने कहा कि उत्तराखंड की जमीन केवल सरकार की संपत्ति नहीं बल्कि प्रदेश की जनता की अमानत है। ऐसे में सरकारी विभागों की बेशकीमती जमीनों को लंबे समय के लिए लीज पर देना और उन्हें निजी कंपनियों के हवाले करना गंभीर चिंता का विषय है। सरकार को जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि किन जमीनों को किस व्यक्ति अथवा कंपनी को, कितनी अवधि के लिए और किन शर्तों पर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मसूरी स्थित पार्क एस्टेट (हाथीपांव) की लगभग 142 एकड़ भूमि को कथित तौर पर 15 वर्षों की लीज पर दिए जाने का मामला सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकारी भूमि का बाजार मूल्य हजारों करोड़ रुपये है और उसे बेहद कम वार्षिक लीज राशि पर लंबे समय के लिए दिया जा रहा है, तो सरकार को इसकी पूरी प्रक्रिया और वित्तीय औचित्य सार्वजनिक करना चाहिए।
भोज ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा बनाए गए उत्तराखंड इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर बोर्ड (UIIDB) के माध्यम से सरकारी जमीनों और संपत्तियों को निजी हाथों में देने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आशंका है कि इस व्यवस्था का इस्तेमाल जनहित की बजाय सरकार के चहेते लोगों और कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ प्रदेश के युवाओं, किसानों और आम जनता को रोजगार एवं विकास के लिए जमीन की आवश्यकता है, वहीं दूसरी तरफ सरकार बहुमूल्य सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की दिशा में आगे बढ़ रही है। यह जनहित नहीं बल्कि सरकारी संपत्तियों के निजीकरण की नीति है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की बेशकीमती जमीनों एवं संपत्तियों को लेकर सरकार जिस प्रकार के निर्णय ले रही है, उससे भविष्य में आम जनता के लिए जमीन और सार्वजनिक संपत्तियां उपलब्ध रहना मुश्किल हो सकता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि सरकारी जमीनों को लीज पर देने और पीपीपी मोड में सौंपने से संबंधित सभी प्रस्ताव, निविदाएं, लीज की शर्तें, बाजार मूल्य, लीज राशि और लाभार्थी कंपनियों की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही जिन संपत्तियों का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन अथवा अन्य जनहित के कार्यों में किया जा सकता है, उन्हें निजी हाथों में सौंपने के बजाय जनहित में उपयोग किया जाए।
भोज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड की जमीन और सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में कौड़ियों के भाव सौंपने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध करेगी। यदि सरकार ने पारदर्शिता नहीं बरती तो कांग्रेस जनता को साथ लेकर सड़क से सदन तक इस मुद्दे को मजबूती से उठाएगी।





