(नया अध्याय, उत्तराखण्ड)
पीएचसी उच्चीकरण की मांग पर 15वें दिन भी गरजा ऊखीमठ।
मदमहेश्वर घाटी के जनप्रतिनिधियों से लेकर मातृशक्ति
व विभिन्न संगठनों ने आंदोलन को दिया समर्थन।
मुख्य बाजार में जोरदार प्रदर्शन से गूंजा नगर।
ऊखीमठ: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना 15वें दिन भी जारी रहा। स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को अब मदमहेश्वर घाटी के जनप्रतिनिधियों, मातृशक्ति, मजदूर यूनियन, प्रधान संगठन समेत विभिन्न सामाजिक संगठनों ने समर्थन देते हुए आंदोलन को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया। आंदोलनकारियों ने मुख्य बाजार में जोरदार प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पीएचसी के उच्चीकरण का शासनादेश शीघ्र जारी करने की मांग उठाई।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष आनन्द सिंह रावत, प्रधान गडगू सरिता नेगी ने कहा कि ऊखीमठ क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से विषम परिस्थितियों वाला क्षेत्र है। बड़ी संख्या में ग्रामीण आबादी के साथ ही मदमहेश्वर घाटी, तुंगनाथ घाटी और आसपास के दूरस्थ गांवों के लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ऊखीमठ महत्वपूर्ण केंद्र है। वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सीमित संसाधनों के बीच क्षेत्र की स्वास्थ्य आवश्यकताओं का भार उठा रहा है। गंभीर बीमारी अथवा दुर्घटना की स्थिति में मरीजों को श्रीनगर, रुद्रप्रयाग अथवा अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती है।
मजदूर यूनियन अवतार नेगी, गुरिल्ला संगठन जिला अध्यक्ष बसन्ती रावत ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र की जनता पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण की मांग करती आ रही है। पूर्व में शासन स्तर से मांग पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन अभी तक ठोस आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आश्वासन के बजाय अब शासनादेश की आवश्यकता है। जब तक उच्चीकरण का आदेश जारी नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मातृशक्ति ने संभाला मोर्चा
आंदोलन के 15वें दिन मदमहेश्वर घाटी की मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी की। महिलाओं ने मुख्य बाजार से तहसील परिसर तक प्रदर्शन करते हुए स्वास्थ्य सुविधा के विस्तार की आवाज बुलंद की। नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुब्जा धर्म्वाण व साक्षी नेगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव सबसे अधिक महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्रभावित करता है। आपात स्थिति में मरीज को दूर ले जाना कई बार परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में ऊखीमठ पीएचसी का उच्चीकरण पूरे क्षेत्र की आवश्यकता है। मदमहेश्वर घाटी से पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि घाटी के दूरस्थ गांवों के लिए ऊखीमठ स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। पीएचसी के उच्चीकरण से मदमहेश्वर घाटी सहित आसपास के अनेक गांवों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
मुख्य बाजार में गूंजे नारे
धरना स्थल पर सभा से पहले आंदोलनकारी मुख्य बाजार पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीएचसी उच्चीकरण का शासनादेश जारी करने की मांग की गई। बाजार में आंदोलनकारियों की भीड़ और मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी से माहौल आंदोलनमय हो गया।
प्रधान संगठन, मजदूर यूनियन और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक संगठन अथवा वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ा जनआंदोलन है।

उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस विषय पर शासन को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। धरना स्थल पर संघर्ष समिति/ व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट ने दोहराया कि जब तक पीएचसी ऊखीमठ के उच्चीकरण का शासनादेश जारी नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा तथा पूर्व में स्वास्थ्य सचिव से मिले आश्वासन के अनुसार यदि 15 दिन में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र उच्चीकरण का शासनादेश जारी नहीं हुआ तो आन्दोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। इस मौके पर प्रधान रांसी सोनिया पंवार, उनियाणा बिशाम्बरी देवी, राऊलैंक नीमा देवी, मनसूना मिथला देवी, पठाली मनवर सिंह नेगी, भींगी नीमा देवी, मक्कू सुनीता देवी, सभासद सरला रावत, बलवीर पंवार, प्रदीप धर्म्वाण, बलवीर धर्म्वाण, प्रताप धर्म्वाण, बलवन्त रावत, पवन राणा, कर्मवीर कुंवर, बृजमोहन बर्त्वाल, दलवीर रावत, भूपेन्द्र राणा, प्रमोद नेगी, धर्मेन्द्र तिवारी, दिनेश पुरोहित, नवदीप नेगी, कल्पेश्वरी रावत, अनीता देवी, रेखा रावत, सीता देवी, सरोज देवी, पूनम देवी, सर्वेश्वरी देवी, पूनम देवी, ज्योति देवी, मनोरमा देवी, दीपा देवी, नारायणी देवी, वन्दना देवी, रंजना सहित भारी संख्या में मातृशक्ति व आन्दोलनकारी मौजूद रहे।






